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ांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समेत लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन; 28 से 30 सितंबर फिर हड़ताल की चेतावनी
भोपाल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को हुई राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का भोपाल समेत मध्यप्रदेश में व्यापक असर रहा। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के हड़ताल पर रहने से शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा और कई स्थानों पर बैंक बंद रहे। यूनियन के अनुसार मध्यप्रदेश में करीब 40 हजार और भोपाल में करीब 5 हजार बैंक कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए।
हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, पीएलआई योजना वापस लेने या उसमें यूनियनों के साथ द्विपक्षीय बातचीत के जरिए संशोधन करने तथा लंबित मांगों का समाधान करने की मांग उठाई।
भोपाल में सुबह 10 बजे पंजाब नेशनल बैंक की इंदिरा प्रेस कॉम्प्लेक्स शाखा के सामने बैंक कर्मचारी एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इसके बाद करीब 3 हजार कर्मचारियों ने प्रेस कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में रैली निकाली। कर्मचारी हाथों में मांगों से संबंधित पोस्टर और लाल झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए शामिल हुए। रैली के बाद सभा आयोजित की गई, जिसमें बैंक कर्मचारी-अधिकारी संगठनों और विभिन्न केंद्रीय व राज्य कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया।
ढाई साल से वित्त मंत्रालय में लंबित है प्रस्ताव
वक्ताओं ने कहा कि मई 2015 के समझौते के बाद दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक अवकाश लागू किया गया था। इसके बाद शेष शनिवारों को भी अवकाश देने की दिशा में सहमति बनी। मार्च 2024 के वेतन समझौते में भी शेष शनिवारों को अवकाश देने पर सहमति बनी थी। इसके बदले बैंक कर्मचारियों ने सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति जताई थी। यूनियन का दावा है कि प्रस्ताव वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया, लेकिन ढाई साल से अधिक समय बीतने के बाद भी निर्णय नहीं हुआ है।
यूनियनों ने क्लेरिकल और सब-स्टाफ की भर्ती, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, पेंशन अपडेट करने, समान डीए, ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने, मेडिकल इंश्योरेंस का प्रीमियम बैंक द्वारा वहन करने सहित कई लंबित मांगें भी उठाईं।
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
यूनियन नेताओं के मुताबिक 8 और 9 सितंबर को मुख्य श्रम आयुक्त एवं उप मुख्य श्रम आयुक्त की मौजूदगी में सुलह बैठक हुई, लेकिन पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह पर ठोस आश्वासन नहीं मिलने से सहमति नहीं बन सकी। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो 28, 29 और 30 सितंबर को फिर राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया जाएगा।
