कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- 50 हजार कांग्रेसजन होंगे शामिल, बेतरतीब विकास के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
भोपाल, 12 सितंबर। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यदि अगले तीन महीने में भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान जारी नहीं किया गया तो कांग्रेस इंदौर से भोपाल तक 50 हजार लोगों के साथ पदयात्रा निकालेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल मास्टर प्लान की मांग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भ्रष्टाचार और बेतरतीब विकास के मुद्दे भी इसमें उठाए जाएंगे।
पटवारी शनिवार को रोशनपुरा चौराहे पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा द्वारा भोपाल मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर किए जा रहे 31 घंटे के उपवास में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लागू करने की मांग करती रही है। उनके अनुसार, मास्टर प्लान नहीं होने से दोनों शहरों में अव्यवस्थित विकास की स्थिति बन रही है और आम लोगों तथा व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से अगले तीन महीने में दोनों शहरों के मास्टर प्लान जारी करने की मांग की। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस जनता और व्यापारियों की समस्याओं को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सरकार पर निशाना
पटवारी ने राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए मैदान के उपयोग के एवज में 10 लाख रुपये शुल्क लिया गया है। पटवारी ने कहा कि कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से जुड़ा है और इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनभावनाओं का सम्मान होना चाहिए। पटवारी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भोपाल में नेता प्रतिपक्ष रहते हुए कार्यक्रमों का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस सरकार विपक्षी नेताओं के कार्यक्रमों को अनुमति देती थी।
इस दौरान कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, विधायक नितेंद्र राठौर और विजय चौरे, पूर्व संगठन महामंत्री राजीव सिंह, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।डेटा व दावा सत्यापन: मास्टर प्लान, 50 हजार लोगों की पदयात्रा और ₹10 लाख मैदान शुल्क से जुड़े तथ्य मूल रूप से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान/दावे पर आधारित हैं। इन्हें सरकारी आदेश या स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
