परिक्रमा वार्ड 24: कभी तीन तो कभी छह महीने में मिलती है वृद्धा पेंशन

कहीं गंदे पानी की सप्लाई, कहीं नालियों की सफाई की समस्या; स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिल की शिकायत

भोपाल, 6 सितंबर। राजधानी का वार्ड 24 वीआईपी क्षेत्र माना जाता है। मुख्यमंत्री निवास भी इसी वार्ड में है, लेकिन वार्ड की कई कॉलोनियों में रहवासी बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। रविवार को परिक्रमा के दौरान प्रताप नगर, हंसनाथ नगर, व्हाइट हाउस, धरमपुरी, अवधपुरी, कृष्णा नगर, टीटीटीआई, प्रोफेसर कॉलोनी, गंगा नगर और रोशनपुरा सहित कई क्षेत्रों में लोगों ने सफाई, पानी, बिजली, नाली और पेंशन से जुड़ी समस्याएं बताईं।

वार्ड में करीब दो दर्जन छोटी-बड़ी कॉलोनियां हैं। बाणगंगा क्षेत्र में प्रताप नगर, हंसनाथ नगर, गंगा नगर और व्हाइट हाउस जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र भी शामिल हैं। रहवासियों के अनुसार इन इलाकों की संकरी गलियों, खुले चेंबर और नियमित सफाई नहीं होने से परेशानी बनी रहती है।

तीन से छह महीने में मिल रही पेंशन

वार्ड के कुछ रहवासियों ने वृद्धावस्था और विधवा पेंशन में देरी की शिकायत की। उनका कहना है कि किसी को दो-तीन महीने में पेंशन मिलती है, जबकि कुछ लोगों को छह महीने तक इंतजार करना पड़ता है। लोगों के अनुसार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने और नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

प्रताप नगर निवासी रईसा बी ने बताया कि उनके क्षेत्र में कई बार गंदा पानी आता है। उन्होंने वृद्धा पेंशन तीन महीने में एक बार मिलने की शिकायत भी की।

स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिल की शिकायत

अहाता रुस्तम खां क्षेत्र के रहवासियों ने अघोषित बिजली कटौती के साथ बढ़े हुए बिल की शिकायत की। लोगों के अनुसार बिजली बंद होने का कोई निश्चित समय नहीं है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद कुछ परिवारों के बिल में भी बढ़ोतरी हुई है।

रहवासियों का दावा है कि पहले 500 से 800 रुपए तक बिजली बिल आता था, जो अब करीब 3 हजार रुपए तक पहुंच रहा है। गर्मियों में यह राशि 5 हजार रुपए तक पहुंचने की बात भी लोगों ने कही।

प्रोफेसर कॉलोनी में कचरे के ढेर

प्रोफेसर कॉलोनी में सफाई व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। रहवासियों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा रहता है और नालियां भी कचरे से भर जाती हैं। लोगों के अनुसार सफाई के लिए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद ही कर्मचारी पहुंचते हैं।

व्हाइट हाउस की सलमा बेगम ने बताया कि सफाई कर्मचारी कभी-कभार ही आते हैं। वहीं वैशाली चौधरी ने कहा कि कचरा वाहन आता है, लेकिन कई बार आवाज लगाए बिना निकल जाता है, जिससे लोग कचरा वाहन में कचरा नहीं डाल पाते।

बारिश में सड़कों पर बहता है सीवेज

रोशनपुरा के ग्वाल मोहल्ले में नालियों की सफाई नहीं होने से बारिश के दौरान गंदा पानी सड़क पर बहने की शिकायत मिली। अनिल दुबे ने बताया कि नालियां कचरे से भरी हैं और बारिश के समय पानी सड़क पर आ जाता है।

हालांकि सभी रहवासियों की शिकायतें एक जैसी नहीं हैं। ग्वाल मोहल्ले के थान सिंह यादव ने बताया कि उनके क्षेत्र में सफाई व्यवस्था ठीक है और नालियों की सफाई भी होती है। उनके अनुसार पानी और बिजली की भी कोई समस्या नहीं है।

पार्षद ने बताए 81 लाख के विकास कार्य

वार्ड पार्षद शबिस्ता जकी ने बताया कि पार्षद निधि से वार्ड में करीब 81 लाख रुपए के विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें सीसी रोड, नाली निर्माण, चबूतरा, शेड, बेंच लगाने, सड़क मरम्मत और अन्य विकास कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि गंगा नगर में सीसी रोड और नाली निर्माण पर करीब 15.60 लाख रुपए, प्रोफेसर कॉलोनी के वरिष्ठ सभा गृह में करीब 13.02 लाख रुपए और धोबी घाट क्षेत्र में आरसीसी नाली, सीसी टॉप सहित अन्य कार्यों पर करीब 6.18 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा श्यामला हिल्स, प्रताप नगर, खुशबू पार्क, किलोल पार्क और अन्य क्षेत्रों में भी निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराए गए हैं।

पूर्व पार्षद प्रत्याशी ने लगाए आरोप

आम आदमी पार्टी से पार्षद प्रत्याशी रहे और चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे खलील अहमद ने कहा कि वार्ड में विकास कार्य हो रहे हैं, लेकिन स्लम क्षेत्रों में छोटी-छोटी समस्याएं बनी रहती हैं। उन्होंने संकरी गलियों को समस्या का एक कारण बताया। साथ ही आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद पार्षद इन क्षेत्रों में नहीं आईं। उन्होंने महापौर को लेकर भी इसी तरह की बात कही।

रहवासियों की प्रमुख शिकायतें

– सलमा बेगम, व्हाइट हाउस: नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा है।
– अनुराधा, व्हाइट हाउस: पानी निकासी की पाइपलाइन बंद होने से गंदा पानी सड़क पर बहता है।
– वैशाली चौधरी, व्हाइट हाउस बस्ती: कचरा वाहन कई बार बिना आवाज लगाए निकल जाता है।
– स्मिता द्विवेदी, व्हाइट हाउस: गंदगी के कारण मच्छर बढ़े हैं और बीमारी फैलने का डर है।
– रईसा बी, प्रताप नगर: गंदा पानी आता है और वृद्धा पेंशन में देरी होती है।
– आफदा बी, प्रताप नगर: घरों से कचरा उठता है, लेकिन गलियों में पड़ा कचरा नहीं उठाया जाता।
– रऊफ खान, अहाता रुस्तम खां: बिना सूचना बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है।
– राजीव बंसल, प्रोफेसर कॉलोनी: नालियां कचरे से भरी हैं और सफाई नियमित नहीं होती।
– थान सिंह यादव, ग्वाल मोहल्ला: उनके क्षेत्र में सफाई और नाली व्यवस्था ठीक है।
– अनिल दुबे, ग्वाल मोहल्ला: नालियों की सफाई नहीं होने से बारिश में गंदा पानी सड़क पर बहता है।अगर इसे प्रिंट अखबार के लिए और प्रभावी बनाना हो तो मुख्य बॉक्स में “वार्ड की 10 बड़ी समस्याएं” और अलग बॉक्स में “पार्षद का दावा बनाम रहवासियों की शिकायत” भी जोड़ा जा सकता है।

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