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राजीव गांधी पुण्यतिथि पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, जीतू पटवारी बोले— लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं

भोपाल । पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न Rajiv Gandhi की पुण्यतिथि पर भोपाल में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम राजनीतिक संदेशों का मंच बन गया। Madhya Pradesh Congress Committee और जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।

कार्यक्रम में Jitu Patwari ने कहा कि देश में नफरत और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ रहा है।

“देश आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहा”

Jitu Patwari ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार रोजगार, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और मजबूत अर्थव्यवस्था के वादों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन वर्तमान में देश आर्थिक चुनौतियों, बेरोजगारी और सामाजिक ध्रुवीकरण का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी और आर्थिक संस्थाओं का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है तथा शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे पर भी इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी, Indira Gandhi और Rajiv Gandhi की हत्या नफरत की राजनीति का परिणाम थी और आज भी देश में वैसा ही वातावरण बनने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

राजीव गांधी की तकनीकी सोच को किया याद

कार्यक्रम में वक्ताओं ने Rajiv Gandhi के कार्यकाल को आधुनिक भारत की तकनीकी और सूचना क्रांति से जोड़ते हुए उन्हें याद किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कंप्यूटर और दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई।

विशेषज्ञों के अनुसार, राजीव गांधी के कार्यकाल में सूचना प्रौद्योगिकी, पंचायती राज और दूरसंचार विस्तार से जुड़े कई कदम उठाए गए थे, जिनका प्रभाव बाद के दशकों में भारत के डिजिटल विकास में दिखाई दिया।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में Ashok Singh, Sukhdev Panse, P.C. Sharma, Rajeev Singh, Praveen Saxena सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक भाईचारे और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी भविष्य में भी लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रहेगी।

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