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रेलवे सुरक्षा में एआई, ड्रोन और स्मार्ट निगरानी का बढ़ेगा इस्तेमाल, यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

भोपाल। भारतीय रेलवे ने देशभर में रेल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और स्मार्ट निगरानी तकनीकों के उपयोग को तेज करने का फैसला किया है। रेलवे मंत्रालय ने यात्रियों से भी यात्रा के दौरान सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 139 पर देने की अपील की है।

नई दिल्ली स्थित रेल भवन में आयोजित उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में Ashwini Vaishnaw ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से जमीनी स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है, ताकि रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने वाले असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

एआई और ड्रोन से होगी रेलवे सुरक्षा की निगरानी

बैठक में रेलवे सुरक्षा से जुड़े कई तकनीकी उपायों पर चर्चा हुई। रेलवे अब बड़े पैमाने पर—

एआई आधारित निगरानी प्रणाली

ड्रोन सर्विलांस

हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी नेटवर्क

स्मार्ट रिपोर्टिंग सिस्टम

साइबर सुरक्षा तंत्र


का उपयोग बढ़ाने जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, जहां प्रतिदिन करोड़ों यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ तकनीकी निगरानी को जोड़ना आवश्यक माना जा रहा है।

हाल की घटनाओं के बाद बढ़ी सतर्कता

रेल मंत्रालय के अनुसार, हाल के कुछ आगजनी और संदिग्ध घटनाओं की प्रारंभिक जांच में असामाजिक तत्वों की भूमिका सामने आई है। हालांकि विस्तृत मामलों का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन रेलवे ने इन घटनाओं को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में लिया है।

Railway Protection Force (RPF) इन मामलों की सक्रिय जांच कर रही है। मंत्रालय का कहना है कि कई घटनाओं में समय रहते कार्रवाई होने से बड़े हादसे टाले जा सके।

यात्रियों से सहयोग की अपील

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन परिसर और यात्रा के दौरान आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि कोई संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या असामान्य गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में यात्रियों की जागरूकता भी सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। कई बार आम यात्रियों की सूचना से संभावित दुर्घटनाओं और अपराधों को रोका जा सकता है।

आरपीएफ और जीआरपी के बीच बढ़ेगा समन्वय

बैठक में Railway Protection Force और Government Railway Police (GRP) के बीच बेहतर सूचना साझा करने और संयुक्त सुरक्षा प्रबंधन पर भी जोर दिया गया।

रेल मंत्रालय के अनुसार, रेलवे बोर्ड और फील्ड जोन के बीच रियल-टाइम सुरक्षा समन्वय को मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।

साइबर सुरक्षा और स्मार्ट कैमरों पर भी फोकस

रेलवे नेटवर्क के डिजिटलीकरण को देखते हुए साइबर सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक में कैमरों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने, एआई आधारित व्यवहार विश्लेषण प्रणाली विकसित करने और डेटा मॉनिटरिंग सिस्टम को अपग्रेड करने पर चर्चा हुई।

Ashwini Vaishnaw ने कहा कि रेलवे सुरक्षा को “मिशन मोड” में मजबूत किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।

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