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मध्य प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई : जीतू पटवारी

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर लगाए शिक्षकों के अधिकार छीनने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के आरोप

भोपाल, 15 मई। जितेंद्र सिंह पटवारी ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर प्रशासनिक अराजकता फैलाने, शिक्षकों के साथ अन्याय करने और युवाओं के रोजगार के अवसर खत्म करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार को यह तक पता नहीं है कि लाखों कर्मचारी किस विभाग के अंतर्गत आते हैं तथा उनकी पेंशन और सेवा सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगभग 3 लाख शिक्षकों को अपना कर्मचारी मानने से इंकार करना बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण मामला है। इससे शिक्षकों की पुरानी पेंशन, सेवा सुरक्षा और करीब 20 वर्षों की वरिष्ठता पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान पर सीधा हमला बताया।

“शिक्षकों का भविष्य असुरक्षित”

जितू पटवारी ने कहा कि वर्षों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था संभालने वाले शिक्षक आज अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह तत्काल स्पष्ट करे कि इन शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पेंशन और वरिष्ठता की जिम्मेदारी कौन लेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में प्रशासनिक व्यवस्था “क्रूर मज़ाक” बन चुकी है, जहां कर्मचारियों और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें अनिश्चितता में धकेला जा रहा है।

बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश रोजगार पोर्टल पर 25 लाख से अधिक युवक-युवतियों ने पंजीकरण कराया है, जो प्रदेश में बेरोजगारी की भयावह स्थिति को दर्शाता है।

पटवारी ने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार ने 1.2 लाख से अधिक पद समाप्त कर दिए हैं। सरकार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है कि उसके पास कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास नौकरियों और कर्मचारियों के लिए बजट नहीं है, तो फिर हजारों करोड़ रुपये के कर्ज लेकर प्रचार और इवेंट्स पर खर्च कैसे किया जा रहा है।

“रोजगार मेले केवल दिखावा”

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार के रोजगार मेले केवल दिखावा और प्रचार का माध्यम बनकर रह गए हैं। उनका आरोप है कि एक लाख से अधिक पद समाप्त कर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उसे प्रदेश के युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।

उन्होंने मांग की कि सरकार शिक्षकों से जुड़े फैसले को तत्काल वापस ले और सभी शिक्षकों को नियमानुसार पेंशन, सेवा सुरक्षा तथा वरिष्ठता का लाभ सुनिश्चित करे। साथ ही समाप्त किए गए पदों को दोबारा बहाल कर नए रोजगार सृजित किए जाएं।

अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों, कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ती रहेगी।

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