राम मंदिर चंदा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भोपाल में महिला कांग्रेस का ‘सद्बुद्धि यज्ञ’, भजन-कीर्तन और उपवास
भोपाल। राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस ने शुक्रवार को भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी के नेतृत्व में ‘सद्बुद्धि यज्ञ’, भजन-कीर्तन एवं उपवास का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने यज्ञ में आहुति देकर कथित चंदा गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रार्थना की।
दिग्विजय सिंह बोले- जरूरत पड़ी तो दर्ज कराऊंगा एफआईआर
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने भी राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक योगदान दिया था। उनका कहना था कि यदि चंदे में किसी प्रकार की अनियमितता सिद्ध होती है, तो वह अपने वकील के माध्यम से अयोध्या जाकर एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास करेंगे।
जीतू पटवारी ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के प्रति आस्था के साथ योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि यदि चंदे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
रीना बोरासी ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उनका कहना था कि यदि राम मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए चंदे में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
थाने पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
कार्यक्रम के बाद महिला कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित थाने पहुंचकर चंपत राय के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग को लेकर शिकायत एवं ज्ञापन सौंपा।
महिला कांग्रेस ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विषय में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर किया गया है। संगठन का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
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