एम्वे इंडिया ने आयुर्वेद में बढ़ाया कदम, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के 9 नए उत्पाद लॉन्च

दो साल में 100 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य, स्थानीय किसानों से जिम्मेदार सोर्सिंग और तमिलनाडु फैक्ट्री में होगा उत्पादन
नई दिल्ली, 2 सितंबर । हेल्थ और वेलनेस कंपनी एम्वे इंडिया ने आयुर्वेद के क्षेत्र में विस्तार की घोषणा की है। कंपनी ने अपने न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद पोर्टफोलियो के तहत नौ नए आयुर्वेदिक उत्पाद पेश किए हैं। कंपनी के मुताबिक, इस श्रेणी को अगले दो वर्षों में 100 करोड़ रुपये का कारोबार बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी का कहना है कि यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य और भारत में आयुर्वेद तथा आयुष क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा से जुड़ी है। उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की सोर्सिंग ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से की जाएगी। इनका उत्पादन तमिलनाडु स्थित एम्वे की फैक्ट्री में किया जाएगा।
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का मेल
एम्वे के अनुसार, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद में भारत की पारंपरिक आयुर्वेदिक जानकारी को न्यूट्रिलाइट के 90 साल से अधिक पुराने बॉटनिकल साइंस और कंपनी की आरएंडडी क्षमता के साथ जोड़ा गया है।
कंपनी का दावा है कि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए जड़ी-बूटियों की डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एक्टिव इंग्रेडिएंट टेस्टिंग और सीड-टू-सप्लीमेंट ट्रेसेबिलिटी जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा दूषित तत्वों, भारी धातुओं, माइक्रोबायोलॉजिकल सुरक्षा और प्रमुख मार्कर कंपाउंड्स की एकरूपता की भी जांच की जाती है।
पहले चरण में तीन फॉर्मूलेशन
कंपनी ने शुरुआती चरण में तीन आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन बाजार में उतारने की जानकारी दी है।
– कालमेघ: कंपनी के अनुसार, यह लिवर के सामान्य कामकाज में मदद करने के लिए तैयार किया गया है।
– शिग्रु (मोरिंगा): कंपनी के अनुसार, यह शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने और सूजन से जुड़े प्रबंधन में मदद करता है।
– वृक्षाम्ल (गार्सिनिया): कंपनी के अनुसार, यह मेटाबॉलिज्म और पेट भरे रहने के अहसास को सपोर्ट करने के लिए तैयार किया गया है।
कंपनी ने बताया कि इस पोर्टफोलियो में आयुष-पंजीकृत फॉर्मूलेशन भी शामिल हैं।
स्थानीय किसानों से सोर्सिंग पर जोर
एम्वे इंडिया के अनुसार, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद की सप्लाई चेन में ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित किसानों से जड़ी-बूटियों की जिम्मेदार सोर्सिंग पर जोर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि इससे स्थानीय कृषि, टिकाऊ खेती और देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
कंपनी ने इस पहल को ‘मेक इन इंडिया’ से भी जोड़ा है। जड़ी-बूटियों की सोर्सिंग से लेकर उत्पादन और वैज्ञानिक शोध तक पूरी प्रक्रिया को भारत में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
एम्वे इंडिया ने क्या कहा?
एम्वे इंडिया के प्रबंध निदेशक रजनीश चोपड़ा ने कहा कि भारत में पारंपरिक स्वास्थ्य और वेलनेस को लेकर लोगों की रुचि बढ़ रही है। उनके मुताबिक, आयुर्वेद में बढ़ते इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम से नए आर्थिक अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद को अगले दो वर्षों में 100 करोड़ रुपये का कारोबार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी के अनुसार, उपभोक्ता अब आयुर्वेदिक उत्पादों में भी गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रामाणिकता की उम्मीद करते हैं।
8 सितंबर से मिलेंगे उत्पाद
कंपनी के अनुसार, कालमेघ की कीमत 449 रुपये, शिग्रु की 651 रुपये और वृक्षाम्ल की कीमत 449 रुपये निर्धारित की गई है। ये उत्पाद 8 सितंबर 2026 से एम्वे के अधिकृत चैनलों, एम्वे बिजनेस ओनर्स/डिस्ट्रीब्यूटर्स, एम्वे स्टोर्स और कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
यह लॉन्च न्यूट्रिलाइट च्यवनप्राश के बाद आयुर्वेद श्रेणी में एम्वे के विस्तार का अगला कदम है। कंपनी का कहना है कि नए पोर्टफोलियो के जरिए पारंपरिक आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन को आधुनिक गुणवत्ता और परीक्षण प्रक्रियाओं के साथ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।





