
भोपाल/सीहोर, 22 जुलाई। सीहोर जिले की ग्राम पंचायत कल्याणपुरा धाकड़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम रामपुरा में सड़क निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जिन सीसी और ग्रेवल सड़कों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए हैं, उनमें से कई सड़कें मौके पर मौजूद नहीं हैं। ग्रामीणों ने मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच और वित्तीय ऑडिट की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, भारत सरकार के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कई सड़क निर्माण कार्य पूर्ण दर्शाए गए हैं और उनके भुगतान भी किए जा चुके हैं, जबकि जमीनी स्तर पर सड़कें नहीं बनीं। आरोप है कि कुछ मामलों में एक ही सड़क को अलग-अलग नामों से दर्शाकर भुगतान निकाला गया।
ग्रामीणों ने जिन कार्यों पर सवाल उठाए हैं, उनमें प्रेम नारायण टेलर के मकान से चौकीदार के मकान तक सीसी सड़क (वर्क आईडी 101317657), मोहन पर्वत के मकान से श्मशान घाट तक सीसी सड़क, मोहन पर्वत के मकान से देवकरण मालवीय के मकान तक सीसी सड़क, प्रेम नारायण टेलर से सुरेश पुरी के मकान तक सीसी सड़क तथा अमरपुरी के मकान से बिशनखेड़ी के काकड़ तक ग्रेवल सड़क शामिल हैं।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निर्माण कार्यों के सत्यापन के लिए पोर्टल पर अन्य स्थानों की तस्वीरें अपलोड कर भुगतान प्राप्त किया गया। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह वित्तीय अनियमितता के साथ सरकारी अभिलेखों में गलत जानकारी दर्ज करने का मामला भी हो सकता है।
बरसात के दौरान गांव की स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्तों पर जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन बाधित हो जाता है। उनका दावा है कि कई बार श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए भी पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2022 से इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन, जनपद पंचायत और अन्य अधिकारियों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड का मौके की वास्तविक स्थिति से मिलान कराया जाए, पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच और वित्तीय ऑडिट कराया जाए तथा यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।





