गेहूं खरीदी संकट: स्लॉट बुकिंग बंद होने से लाखों क्विंटल फसल बेचने से वंचित किसान, बैरसिया में उपार्जन केंद्रों पर भारी अव्यवस्था

मध्यप्रदेश गेहूं खरीदी 2026: लक्ष्य पूरा होने के बाद रुकी स्लॉट बुकिंग, किसान परेशान
भोपाल, 15 मई। मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश के कई उपार्जन केंद्रों पर स्लॉट बुकिंग बंद हो जाने से हजारों किसान अपनी गेहूं फसल बेचने से वंचित हो रहे हैं। राजधानी भोपाल के बैरसिया क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है, जहां तुलाई केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और किसान पिछले आठ-दस दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने इस वर्ष पहले मध्यप्रदेश से 80 लाख टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य तय किया था, जिसे बाद में प्रदेश सरकार के अनुरोध पर बढ़ाकर 100 लाख टन कर दिया गया था। अब यह लक्ष्य पूरा हो चुका है, जिसके चलते नए स्लॉट बुक होना बंद हो गए हैं। हालांकि जिन किसानों के स्लॉट पहले से बुक हैं, उनकी खरीदी अभी जारी रहेगी।
20 लाख टन अतिरिक्त खरीदी का प्रस्ताव भेजा
सूत्रों के मुताबिक किसानों की बढ़ती समस्या को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार को 20 लाख टन अतिरिक्त गेहूं खरीदी का प्रस्ताव भेजा है। यदि केन्द्र से मंजूरी मिलती है, तभी दोबारा स्लॉट बुकिंग शुरू हो सकेगी। फिलहाल किसानों को नई स्लॉट बुकिंग के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला आपूर्ति अधिकारी चन्द्रभान सिंह जादौन ने बताया कि जिन किसानों के स्लॉट पहले से बुक हैं, उनकी खरीदी लगभग 23 मई तक जारी रहेगी, लेकिन नए स्लॉट फिलहाल बंद कर दिए गए हैं।
बैरसिया में किसान सबसे ज्यादा परेशान
बैरसिया तहसील के हबीबगंज सरकड़ी गांव निवासी किसान लक्ष्मी नारायण गुर्जर ने बताया कि उनके पास लगभग 95 क्विंटल गेहूं रखा हुआ है, लेकिन स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 23 मई निर्धारित है और यदि तब तक नंबर नहीं आया तो उन्हें मजबूरी में गेहूं बाजार में कम कीमत पर बेचना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि गांव के करीब 200 किसानों के हजारों क्विंटल गेहूं या तो खेतों में पड़ा है या घरों के बाहर खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। उपार्जन केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी लाइनें पिछले एक महीने से लगी हुई हैं। किसान दिन-रात अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तुलाई की रफ्तार बेहद धीमी है।
बारिश का डर, भंडारण की समस्या
किसानों की सबसे बड़ी चिंता आगामी बारिश को लेकर है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द खरीदी नहीं हुई तो बारिश शुरू होने के बाद गेहूं खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। अधिकांश किसानों के पास सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। खुले में रखी फसल खराब होने लगी तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कई किसानों ने आरोप लगाया कि उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं बेहद कमजोर हैं। तुलाई के लिए पर्याप्त कांटे नहीं हैं और कर्मचारियों की कमी के कारण काम धीमी गति से हो रहा है।
तुलाई के बाद भी भुगतान और बिल की परेशानी
बैरसिया तहसील के ग्राम बाटनी निवासी किसान देव सिंह ने बताया कि उन्होंने 23 अप्रैल को स्लॉट बुक कराया था और 28 अप्रैल को नीमखेड़ी वेयरहाउस में 64 क्विंटल गेहूं की तुलाई भी करवा दी थी। लेकिन अब तक उनका बिल तैयार नहीं हुआ है।
देव सिंह के अनुसार घर में शादी होने के कारण वे तुरंत बिल नहीं बनवा सके। अब जब वे वेयरहाउस और तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं तो उन्हें लगातार टाल दिया जा रहा है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसानों ने सरकार से की तत्काल समाधान की मांग
प्रदेशभर के किसान अब सरकार से मांग कर रहे हैं कि अतिरिक्त गेहूं खरीदी प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दिलाई जाए और उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुधारी जाएं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो लाखों क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बिकने से रह जाएगा, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।



