खाटू श्याम मंदिर की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, सर्वधर्मीय बैठक में गूंजा ‘मंदिर बचाओ आंदोलन’

स्थायी छत, पार्किंग और नियमित भजन-संकीर्तन की व्यवस्था की मांग; मंदिर न्यास के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर जताई चिंता
भोपाल। कोलार क्षेत्र के ए-सेक्टर स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर रविवार को सर्वधर्मीय बैठक आयोजित की गई। श्री खाटू श्याम आराधना ग्रुप के तत्वावधान में हुई बैठक में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार और भक्तों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
टीनशेड की जगह स्थायी छत की मांग
बैठक में श्रद्धालुओं ने कहा कि मंदिर में धार्मिक आयोजनों और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में वर्तमान टीनशेड व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। श्रद्धालुओं ने टीनशेड की जगह स्थायी छत बनाने की मांग रखी, ताकि गर्मी और बारिश सहित अन्य मौसम में भक्तों को परेशानी न हो।
इसके अलावा मंदिर परिसर और आसपास पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंधन करने और नियमित भजन-संकीर्तन के आयोजन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने पर भी चर्चा हुई।
मंदिर न्यास के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर सवाल
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने बताया कि मंदिर न्यास का कोई सदस्य बैठक में शामिल नहीं हुआ। इस पर धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने चिंता जताई।
उनका कहना था कि मंदिर से संबंधित व्यवस्थाओं और समस्याओं के समाधान के लिए श्रद्धालुओं, धार्मिक संगठनों और मंदिर प्रबंधन के बीच नियमित संवाद जरूरी है। बैठक में सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
‘मंदिर बचाओ आंदोलन’ को व्यापक बनाने का संकल्प
श्री खाटू श्याम आराधना ग्रुप की अध्यक्ष राखी परमार के आह्वान पर आयोजित बैठक में उपस्थित संगठनों और श्रद्धालुओं ने मंदिर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
बैठक में ‘मंदिर बचाओ आंदोलन’ को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों को इससे जोड़ने की बात कही गई।
इस दौरान राहुल सिंह राठौड़, बंटी शर्मा, रितेश जैन, डाली तिवारी, मीनाक्षी सिंह, दुर्गा, नेहा सहित कई श्रद्धालु और सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक के समापन पर राखी परमार ने उपस्थित श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विषयों के समाधान के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है।





