गुरु पूर्णिमा पर शासकीय कला एवं वाणिज्य (नवीन) महाविद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा पर व्याख्यान आयोजित

भोपाल। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शासकीय कला एवं वाणिज्य (नवीन) महाविद्यालय, भोपाल में सरस्वती पूजन एवं सरस्वती वंदना के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नूतन महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ. आभा वाजपेयी थीं।
डॉ. आभा वाजपेयी ने अपने प्रेरक संबोधन में भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुरु संदीपनी और उनके शिष्यों के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को आत्मसात करना भी है। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के कहने पर लक्ष्मण ने रावण से भी नीति और राजनीति का ज्ञान प्राप्त किया था। इससे यह सीख मिलती है कि ज्ञान किसी भी व्यक्ति से प्राप्त किया जा सकता है और किसी एक दोष के आधार पर किसी के संपूर्ण ज्ञान को नहीं नकारा जाना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. कलावती कोरी ने की। कार्यक्रम का समापन ज्ञान परंपरा प्रभारी डॉ. शोभना जैन के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में लगभग 60 छात्र-छात्राओं सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मंच संचालन महाविद्यालय के छात्र सौरभ ने किया।





