भोपाल। आकांक्षा फाउंडेशन द्वारा आयोजित “ख़याल अपना सा” ओपन माइक कार्यक्रम का आयोजन मीनाल रेजिडेंसी स्थित गजानन रसोई परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य शहर की उभरती प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए मंच उपलब्ध कराना था। आयोजन में कवियों, गायकों, स्टैंड-अप कॉमेडियनों, कहानीकारों और अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
कार्यक्रम में कविता, ग़ज़ल, गीत, कहानी, हास्य और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मन मोह लिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों का दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि हेमलता सिंह ने कहा कि ऐसे साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं तथा युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
वरिष्ठ कवयित्री अभिलाषा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि “साहित्य केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि संवेदनाओं और संस्कारों का जीवंत माध्यम है। जब युवाओं को अपनी बात कहने के लिए खुला मंच मिलता है, तो उनकी रचनात्मक ऊर्जा समाज को नई दिशा देती है।” उन्होंने कहा कि “ख़याल अपना सा” जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी पहचान बनाने और सकारात्मक अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करते हैं तथा साहित्य और संस्कृति के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आकांक्षा फाउंडेशन के डायरेक्टर आदर्श शर्मा ने कहा कि “ख़याल अपना सा” केवल एक ओपन माइक नहीं, बल्कि युवाओं की भावनाओं, विचारों और रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने का मंच है। संस्था का उद्देश्य हर उस प्रतिभा को अवसर देना है जो अपनी कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती है।
फाउंडेशन की डायरेक्टर प्रिंसी शर्मा ने कहा कि संस्था युवाओं, महिलाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आकांक्षा फाउंडेशन ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के निरंतर आयोजन का संकल्प दोहराया।