सीहोर के किसानों ने भोपाल में ऊर्जा मंत्री के बंगले पर किया प्रदर्शन, घायल किसान के लिए 25 लाख मुआवजा और नौकरी की मांग
18 जून को 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से किसान गंभीर रूप से घायल हुआ था, कार्रवाई नहीं होने पर किसानों ने सौंपा ज्ञापन
भोपाल, 8 जुलाई। सीहोर जिले के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों किसानों ने बुधवार को राजधानी भोपाल में ऊर्जा मंत्री Pradyuman Singh Tomar के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने घायल किसान को मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
किसानों का नेतृत्व समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा मंत्री से मुलाकात कर बताया कि 18 जून 2026 को सीहोर जिले के ग्राम बड़वेली निवासी किसान सतीश मेवाड़ा खेत में कार्य करते समय करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। किसानों ने इस घटना के लिए विद्युत विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार बताया।
ज्ञापन में पीड़ित किसान को 25 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई। किसानों का कहना है कि वे पहले भी सीहोर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और विद्युत विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें भोपाल में प्रदर्शन करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़वेली, बिलकिसगंज, रामखेड़ी, अमरूद, अवंतीपुरा, चंदेरी, मगरखेड़ा, मोरिया, भगवानपुर, डाबला सहित सीहोर जिले के कई गांवों के किसान शामिल हुए।
11 केवी लाइन को लेकर लगाया लापरवाही का आरोप
किसानों के अनुसार, जिस खेत में दुर्घटना हुई उसके ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन लंबे समय से झूल रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार लाइनमैन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से की थी, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं की गई। किसानों का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण सतीश मेवाड़ा करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए।
> नोट: मुआवजा, सरकारी नौकरी और विभागीय लापरवाही से जुड़े आरोप किसानों द्वारा ज्ञापन में उठाई गई मांगों और दावों पर आधारित हैं। इन पर संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना शेष है।
सीहोर जिले के सैकड़ों किसानों ने भोपाल में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से मुलाकात कर करंट से घायल किसान सतीश मेवाड़ा के लिए 25 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।