मानवता की मिसाल: घायल रेलकर्मी की जान बचाने के लिए रेल कर्मचारियों ने किया रक्तदान, समय पर उपचार से बची जान
इटारसी से भोपाल तक रेल परिवार ने निभाया साथ, ऑन-ड्यूटी घायल कर्मचारी के लिए संवेदनशीलता और सेवा-भाव का अनूठा उदाहरण
भोपाल। पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने एक बार फिर साबित किया कि रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा एक परिवार भी है। ट्रेन संख्या 12628 कर्नाटक एक्सप्रेस में ऑन-ड्यूटी कार्यरत एसी मैकेनिक के. स्टीफन इटारसी आउटर स्थित हनुमान मंदिर के पास दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिक रक्तस्राव की स्थिति में रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ), रेलवे चिकित्सा विभाग और इलेक्ट्रिकल विभाग के कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें रेलवे एम्बुलेंस से इटारसी के दयाल मल्टी हॉस्पिटल पहुंचाया।
अस्पताल का रेलवे से अनुबंध समाप्त हो जाने के बावजूद उपमंडल रेल चिकित्सालय, इटारसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद फरज़ीन ने तत्काल प्राथमिक उपचार सुनिश्चित कराया और इलाज में कोई देरी नहीं होने दी। गंभीर हालत को देखते हुए घायल कर्मचारी को बेहतर उपचार के लिए भोपाल के सागर मल्टी हॉस्पिटल रेफर किया गया।
चूंकि घायल कर्मचारी दूसरे रेलवे ज़ोन से थे और उनके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था, इसलिए इटारसी रेल परिवार ने पूरी जिम्मेदारी संभाली। उपमंडल रेल चिकित्सालय के कर्मचारी आयुष बड़कुर और इलेक्ट्रिकल ETL विभाग के जूनियर क्लर्क दीपक कनौजिया स्वयं एम्बुलेंस से उनके साथ भोपाल पहुंचे। यहां अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रक्त की तत्काल आवश्यकता होने पर दोनों कर्मचारियों ने स्वयं रक्तदान कर घायल रेलकर्मी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मरीज की स्थिति स्थिर होने तक अस्पताल में मौजूद रहे।
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने कहा कि आरपीएफ, चिकित्सा विभाग, इलेक्ट्रिकल स्टाफ तथा दोनों कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई, सेवा-भाव और निस्वार्थ मानवता रेलवे की उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का प्रेरणादायक उदाहरण है। यह घटना दर्शाती है कि संकट की घड़ी में रेल परिवार अपने प्रत्येक सदस्य के साथ पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ खड़ा रहता है।