भोपाल। फरवरी 2025 में हुए दो ट्रकों के 36 लाख रुपये के सौदे में 23.05 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और गबन के मामले में मुख्य आरोपी ब्रोकर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिवपुरी के ट्रांसपोर्टर पंकज शर्मा की शिकायत पर थाना मिसरोद में दर्ज अपराध क्रमांक 324/2026 में मुख्य आरोपी गजराज सिंह परमार की अग्रिम जमानत याचिका को जिला अदालत के बाद अब मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर ने भी खारिज कर दिया है।
मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) एवं 61(2)(a) के तहत दर्ज है। रतनपुर, मिसरोद निवासी आरोपी गजराज सिंह परमार ने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 28 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान फरियादी पक्ष ने कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता और उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला दिया। इसके बाद आरोपी ने अपनी याचिका वापस ले ली, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
इससे पहले 23 जुलाई 2026 को भोपाल के 23वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सह-आरोपी एवं ट्रकों के खरीदार रजनीकांत यादव (निवासी इटारसी) की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित ट्रांसपोर्टर पंकज शर्मा ने अपने दो ट्रक 36 लाख रुपये में गजराज सिंह परमार की दलाली के माध्यम से रजनीकांत यादव को बेचे थे। आरोप है कि ट्रकों का आरटीओ में नामांतरण करा लिया गया और फाइनेंस से प्राप्त राशि में से पीड़ित को केवल 12.95 लाख रुपये दिए गए, जबकि शेष 23.05 लाख रुपये आरोपियों ने कथित रूप से हड़प लिए।
जिला अदालत और हाई कोर्ट, दोनों स्तर पर अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, आरोपों का अंतिम सत्यापन न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
