भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल के सामान्य चिकित्सा विभाग ने विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर वायरल हेपेटाइटिस और लिवर स्वास्थ्य पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के तहत ओपीडी में लगाए गए विशेष शिविर में 50 से अधिक लोगों की हेपेटाइटिस-बी की निःशुल्क जांच रैपिड टेस्ट किट के माध्यम से की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच और सही उपचार से हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी का प्रभावी प्रबंधन संभव है तथा लिवर से जुड़ी गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। जांच शिविर में लोगों को हेपेटाइटिस के लक्षण, बचाव और समय पर जांच के महत्व की भी जानकारी दी गई।
इसके बाद आयोजित वैज्ञानिक सत्र में डॉ. सीमा महंत और डॉ. अभिषेक सिंघई ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए समय पर जांच और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. अमृता ने राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी, जबकि डॉ. अब्रानील दास ने लिवर रोगों के आधुनिक उपचार पर प्रकाश डाला।
डॉ. थरंगा ने वायरल हेपेटाइटिस संक्रमण के बाद अपनाए जाने वाले बचाव उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि समय पर उचित कदम उठाने से संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक, नर्सिंग कर्मी और चिकित्सा विद्यार्थियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक रहें, समय पर जांच कराएं और आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय सलाह लेकर उपचार शुरू करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर पहचान ही हेपेटाइटिस उन्मूलन की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है।
