ऑपरेशन हमदर्द की बड़ी सफलता: 11 दिन में एक माह की परित्यक्त बच्ची को मिलवाया माता-पिता से

भोपाल। जीआरपी द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के तहत एक भावुक और सराहनीय सफलता सामने आई है। रेलवे पुलिस ने महज 11 दिनों की मेहनत के बाद एक माह की परित्यक्त दूधमुंही बच्ची को उसके माता-पिता से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है।

जीआरपी के अनुसार, एक माह की मासूम बच्ची लावारिस अवस्था में मिलने के बाद उसे सुरक्षित संरक्षण में रखा गया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास शुरू किए। विभिन्न जिलों में सूचना प्रसारित करने, तकनीकी और मैदानी जांच के जरिए पुलिस ने आखिरकार बच्ची के माता-पिता का पता लगा लिया।

लगातार 11 दिनों तक चली जांच और खोजबीन के बाद जीआरपी ने बच्ची को उसके परिजनों से मिलाया। बच्ची को सुरक्षित पाकर माता-पिता भावुक हो गए और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन हमदर्द का उद्देश्य लावारिस, बिछड़े और जरूरतमंद बच्चों तथा अन्य असहाय लोगों को उनके परिजनों से मिलाना और उन्हें सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराना है। इस सफलता को अभियान की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

रेलवे पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मानवीय अभियानों को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जारी रखा जाएगा।

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