बारिश में भी भोपालवासियों को मिल रहा शुद्ध पेयजल, नगर निगम ने नागरिकों से पानी की जांच कराने की अपील की
15 जलशोधन संयंत्रों से हो रहा पेयजल का शुद्धिकरण, निजी नलकूपों और जल स्रोतों की जांच कराने की सलाह
भोपाल, 8 जुलाई 2026। वर्षा ऋतु के दौरान नदी एवं अन्य जल स्रोतों का पानी मटमैला होने के बावजूद भोपाल नगर निगम अपने 15 जलशोधन संयंत्रों के माध्यम से नागरिकों को शुद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध करा रहा है। नगर निगम का अमला चौबीसों घंटे सतर्क रहकर जल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर रहा है।
नगर निगम के अनुसार, वर्षा के कारण नर्मदा नदी में जलस्तर और बहाव बढ़ने से शाहगंज स्थित खटपुरा जलशोधन संयंत्र तक मटमैला रॉ वाटर पहुंच रहा है। इस पानी का एलम और पॉली एल्युमिनियम क्लोराइड जैसे रसायनों की सहायता से प्री-सेटलिंग, क्लैरिफिकेशन और अन्य चरणों में वैज्ञानिक तरीके से शुद्धिकरण किया जा रहा है। इसके बाद जल को रिजर्वायर में भेजकर शहर में पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
नगर निगम ने बताया कि सभी 15 जलशोधन संयंत्रों में पानी की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
निजी जल स्रोतों की जांच कराने की अपील
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षा ऋतु में अपने निजी नलकूपों, बोरवेल और अन्य जल स्रोतों के पानी की गुणवत्ता की जांच अनिवार्य रूप से नगर निगम से कराएं। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि उपयोग किया जा रहा पानी पीने योग्य और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है।
भोपाल नगर निगम वर्षा ऋतु में 15 जलशोधन संयंत्रों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रहा है। निगम ने नागरिकों से निजी नलकूपों और अन्य जल स्रोतों के पानी की जांच कराने की अपील की है।