सरकारी संपत्ति पर कब्जे की कोशिश नाकाम, निगम ने निर्माणाधीन निजी कार्यालय किया ध्वस्त सबहेडिंग:

आनंद नगर में निगम की दुकानों की छत पर बन रहा था दफ्तर, भाजपा पार्षद ने मौखिक अनुमति का किया दावा; निगम बोला- शासकीय संपत्ति पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं

भोपाल। नगर निगम भोपाल ने शुक्रवार सुबह आनंद नगर चौराहे पर शासकीय संपत्ति पर किए जा रहे कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन निजी कार्यालय को ध्वस्त कर दिया। बिल्डिंग परमिशन शाखा की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में निगम की दुकानों की छत पर लगभग 450 वर्गफुट क्षेत्र में बनाए जा रहे कार्यालय को जेसीबी की मदद से हटाया। निगम के अनुसार, इस कार्रवाई से करीब 30 लाख रुपये मूल्य की शासकीय संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शासकीय भूमि और भवनों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कार्रवाई के दौरान वार्ड-62 के भाजपा पार्षद राजेश चौकसे मौके पर पहुंचे और निगम की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान उनका पुराना कार्यालय हट गया था, जिसके बाद क्षेत्र की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए वे नगर निगम की दुकानों की छत पर नया कार्यालय बना रहे थे। उनका दावा था कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन से मौखिक अनुमति भी ली गई थी, लेकिन इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के निर्माण को तोड़ दिया गया।

हालांकि नगर निगम प्रशासन ने पार्षद के इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई शासकीय संपत्ति से अतिक्रमण हटाने की नियमित प्रक्रिया के तहत की गई है और किसी भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि को बिना विधिवत स्वीकृति के सरकारी भवन या भूमि पर निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल रहा। नगर निगम ने दोहराया कि शहर में सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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