
भोपाल, 16 मई। राजधानी भोपाल में विकास कार्यों और सड़क विस्तार परियोजनाओं के चलते झुग्गी बस्तियों को हटाने की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में अयोध्या बायपास स्थित अर्जुन नगर बस्ती के 38 परिवारों को हटाए जाने के बाद पुनर्वास व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रभावित परिवारों ने बेहतर पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कृष्णा गौर से मुलाकात करने का प्रयास किया।
रहवासियों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने उनकी झुग्गियां तो हटा दीं, लेकिन उन्हें लालपुरा गांव में बिना पर्याप्त सुविधाओं के अस्थायी रूप से भेज दिया गया। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वहां न पानी की समुचित व्यवस्था है, न बिजली और न ही रहने की उचित सुविधा। भीषण गर्मी में कई परिवार सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं।
शनिवार को अर्जुन नगर बस्ती के रहवासी बड़ी संख्या में मंत्री कृष्णा गौर के 74 बंगले स्थित निवास पहुंचे। लोगों का कहना है कि वे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक मंत्री निवास के बाहर धूप में इंतजार करते रहे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
समाज सेविका आरती शर्मा, रहवासी सुनिता तथा अन्य प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री बंगले में मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया। रहवासियों ने प्रशासन पर पुनर्वास की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।
वहीं कृष्णा गौर ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह प्रशिक्षण शिविर में व्यस्त थीं, इसलिए रहवासियों से मुलाकात नहीं हो सकी। मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रियंक मिश्रा से चर्चा कर प्रभावित परिवारों को बेहतर स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।
अर्जुन नगर के रहवासियों की मांग है कि उन्हें स्थायी पुनर्वास, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।





