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भोपाल: नियुक्ति की मांग को लेकर चयनित ओटी टेक्नीशियनों का आंदोलन तेज, पांच अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर

भोपाल। सरकारी अस्पतालों में चयनित ऑपरेशन थिएटर (ओटी) टेक्नीशियनों की नियुक्ति लंबित रहने के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। भोपाल के जेपी अस्पताल परिसर स्थित स्वास्थ्य संचालनालय कार्यालय के सामने पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों में से पांच ने गुरुवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी।

अभ्यर्थियों का कहना है कि कर्मचारी चयन मंडल की ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा में चयन, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षण और जिला आवंटन जैसी सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, फिर भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल रही है।

288 पदों की भर्ती में 160 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति अटकी

वर्ष 2025 में सरकारी अस्पतालों के लिए 288 ओटी टेक्नीशियन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। परीक्षा और मेरिट सूची जारी होने के बाद सरकारी संस्थानों से डिप्लोमा करने वाले 65 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई, लेकिन निजी संस्थानों से डिप्लोमा प्राप्त 160 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोक दी गई।

अभ्यर्थियों के अनुसार उन्हें बताया गया कि उनके डिप्लोमा को मान्यता नहीं दी जा रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के प्रारंभिक ड्राफ्ट में हुई त्रुटि के कारण यह स्थिति बनी है। विभाग के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए प्रक्रिया जारी है।

अभ्यर्थियों ने लगाए भेदभाव के आरोप

धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि समान भर्ती परीक्षा पास करने और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा जा रहा है।

बैतूल की अभ्यर्थी मालती हिंगवे ने दावा किया कि उन्होंने अपनी श्रेणी में प्रदेश में प्रथम रैंक हासिल की, फिर भी नियुक्ति पत्र के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। वहीं खंडवा के शंकर कनिष्क ने कहा कि जब शासन ने सरकारी और निजी दोनों संस्थानों को मान्यता दी है, तो निजी संस्थानों से प्राप्त डिप्लोमा को अमान्य बताना उचित नहीं है।

मंडला की निकिता मरावी और धार के मनोहर राजपूत ने भी नियुक्ति प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पतालों में पद खाली होने के बावजूद चयनित अभ्यर्थी बेरोजगार बैठे हैं।

अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि लिखित नियुक्ति पत्र जारी होने तक उनका धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।

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