8वें वेतन आयोग के समक्ष NFIR ने रखीं रेल कर्मचारियों की मांगें

भोपाल के अशोक शर्मा ने वेतन, भत्तों, पदोन्नति और पेंशन में सुधार का उठाया मुद्दा

भोपाल। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे (NFIR) ने 30 अक्टूबर 2026 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष ओरल एविडेंस प्रस्तुत कर रेल कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान भोपाल के अशोक शर्मा, महामंत्री वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (WCRMS) ने रेल कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए वेतन, भत्तों, पदोन्नति और पेंशन से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें आयोग के समक्ष रखीं।

NFIR की प्रमुख मांगों में कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाकर 69,000 रुपये करने और 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग शामिल है। इसके अलावा वार्षिक वेतन वृद्धि को वर्तमान 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने तथा प्रत्येक कर्मचारी को सेवाकाल में न्यूनतम पांच पदोन्नतियां देने की मांग की गई।

संघ ने 25 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में विलय करने के साथ ही विभिन्न भत्तों में सुधार और पेंशन प्रणाली को बेहतर बनाने का मुद्दा भी उठाया।

वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ भोपाल ने इस पहल का स्वागत किया है। संघ ने कहा कि NFIR के महासचिव डॉ. एम. राघवैय्या और संघ महामंत्री अशोक शर्मा के नेतृत्व में रेल कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाई जा रही है। संघ को उम्मीद है कि आयोग कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक विचार करेगा।

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