एम्स भोपाल में रोबोटिक सर्जरी की ट्रेनिंग, चिकित्सकों ने सिमुलेशन से सीखे गुर

दो दिवसीय कार्यशाला में रोबोटिक उपकरणों के संचालन, टांके लगाने और डिजिटल सर्जिकल प्लानिंग का दिया प्रशिक्षण

भोपाल। एम्स भोपाल में चिकित्सकों को आधुनिक रोबोटिक सर्जरी का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए दो दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम एवं कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें देश के विभिन्न चिकित्सा विभागों से जुड़े चिकित्सकों ने रोबोटिक सर्जरी और लैप्रोस्कोपिक तकनीकों का सिमुलेशन के माध्यम से अभ्यास किया।

कार्यशाला में सुश्रुत स्किल्स लैब में रोबोटिक उपकरणों के संचालन, कैमरा नियंत्रण, सुई संभालने और फुट पेडल के साथ तालमेल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। रोबोटिक्स मेंटर (RobotiX Mentor) सिमुलेटर पर चिकित्सकों ने ऑपरेशन के दौरान जरूरी तकनीकी कौशल का अभ्यास किया।

कार्यक्रम में स्त्री रोग, कोलोरेक्टल सर्जरी, यूरोलॉजी, थोरेसिक और सामान्य सर्जरी से जुड़े रोबोटिक प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल किए गए। इसके साथ लैप्रोस्कोपिक एंडोट्रेनर कार्यशाला में कैमरा नेविगेशन, उपकरणों का संचालन, हाथ और आंख के तालमेल, टांके लगाने तथा गांठ बांधने का अभ्यास कराया गया।

जबड़े के पुनर्निर्माण की डिजिटल प्लानिंग

कार्यशाला में फिबुला फ्री फ्लैप तकनीक से जबड़े के पुनर्निर्माण और डेंटल इम्प्लांट के लिए वर्चुअल सर्जिकल प्लानिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया। चिकित्सकों को डिजिटल तकनीक से सर्जरी की योजना बनाने और थ्री डी प्रिंटेड सर्जिकल गाइड तैयार करने की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञ व्याख्यानों और व्यावहारिक सत्रों में कैंसर सर्जरी के बाद मरीजों के पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सिमुलेशन के जरिए आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का अभ्यास किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आयोजन

कार्यक्रम एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेंद्र कोतवाल (सेवानिवृत्त) के संरक्षण में आयोजित हुआ। एम्स दरभंगा के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर मुख्य अतिथि रहे।

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अतिरिक्त प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार आयोजन अध्यक्ष रहे। उन्होंने रोबोटिक सिमुलेशन और लैप्रोस्कोपिक प्रशिक्षण का समन्वय किया। डॉ. गुंजन चौकसे आयोजन सचिव तथा डॉ. दीपक कृष्णा और डॉ. बीएल सोनी संयुक्त सचिव रहे।

कार्यक्रम का आयोजन सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, दंत चिकित्सा, बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागों ने संयुक्त रूप से किया।

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