मास्टर प्लान पर हरी झंडी की चर्चा, आदेश का इंतजार

मंजूरी की खबर से व्यापारियों को राहत की उम्मीद, लेकिन प्रशासन के पास अब तक नहीं पहुंचा कोई स्पष्ट आदेश

भोपाल। भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर शासन और प्रशासन के बीच स्थिति अब भी साफ नहीं है। मुख्यमंत्री स्तर से मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने की चर्चा के बाद आवासीय क्षेत्रों में कारोबार कर रहे व्यापारियों को सीलिंग कार्रवाई से राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन की ओर से अभी तक मास्टर प्लान को लेकर कोई स्पष्ट लिखित निर्देश या आगे की कार्रवाई का आदेश नहीं मिला है। ऐसे में अधिकारी भी किसी नए निर्णय से पहले शासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

सीलिंग कार्रवाई पर भी नजर

मास्टर प्लान की स्थिति का सीधा असर उन दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ रहा है, जो आवासीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। नगर निगम की ओर से ऐसे कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा चुकी है। व्यापारियों को उम्मीद है कि नए मास्टर प्लान में मिश्रित भू-उपयोग सहित किसी वैधानिक व्यवस्था के जरिए उन्हें राहत मिल सकती है।

आदेश आने तक असमंजस

प्रशासन के सामने एक तरफ न्यायालय के निर्देशों और मौजूदा नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर शासन के संभावित फैसले का इंतजार है। इसलिए बिना लिखित निर्देश के बड़े स्तर पर बदलाव करना अधिकारियों के लिए मुश्किल है। अब नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री स्तर की कथित मंजूरी कब औपचारिक आदेश में बदलती है।

मास्टर प्लान पर चार बड़े सवाल

• मंजूरी की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं?
• शासन का लिखित आदेश कब आएगा?
• सीलिंग कार्रवाई पर क्या असर पड़ेगा?
• आवासीय क्षेत्र में कारोबार को क्या वैधानिक राहत मिलेगी?»

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