भोपाल मंडल में चैन पुलिंग पर रेलवे की सख्ती, सात माह में 2,731 गिरफ्तार

भोपाल। ट्रेनों में अनावश्यक चैन पुलिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भोपाल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच चैन पुलिंग के 3,281 मामलों में कार्रवाई करते हुए 2,731 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय द्वारा लगाए गए जुर्माने के रूप में ₹11.46 लाख की राशि वसूल की गई।

डीआरएम पंकज त्यागी के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के निर्देशन में RPF द्वारा कार्रवाई के साथ यात्रियों को जागरूक भी किया जा रहा है।

भोपाल स्टेशन पर बढ़े मामले

जनवरी से जुलाई 2025 के दौरान भोपाल स्टेशन पर चैन पुलिंग के 393 मामले दर्ज हुए थे। 2026 में इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 496 हो गई। इटारसी में मामले 227 से बढ़कर 231 और रानी कमलापति स्टेशन पर 128 से बढ़कर 176 हो गए।

इसके विपरीत विदिशा में मामले 77 सेy घटकर 70 हुए। गंजबासौदा में 67 से बढ़कर 68 और मिसरोद में 1 से बढ़कर 3 मामले दर्ज हुए। रानी कमलापति-मिसरोद-रानी कमलापति सेक्शन में भी मामले 51 से बढ़कर 67 हो गए।

अतिप्रभावित स्टेशनों पर बढ़ाई निगरानी

रेलवे ने चैन पुलिंग की घटनाओं वाले स्टेशनों और रेल खंडों में RPF की तैनाती बढ़ाई है। प्रभावित ट्रेनों और स्टेशनों पर सादे कपड़ों में RPF कर्मियों को तैनात कर निगरानी की जा रही है। इसके अलावा विशेष जांच अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

रेलवे यात्रियों को पीए सिस्टम, लाउड हेलर और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक कर रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि आपातकालीन स्थिति को छोड़कर ट्रेन की चैन पुलिंग न करें। बिना उचित कारण चैन पुलिंग करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है और इससे ट्रेन संचालन प्रभावित होने के साथ अन्य यात्रियों को भी परेशानी होती है।

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