मध्यप्रदेश में मिलावटी दूध-घी पर बड़ा अभियान, 5.61 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त

भोपाल। मध्यप्रदेश में दूध, घी, पनीर, मावा और अन्य दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान जारी है। 20 जुलाई से 25 अगस्त 2026 तक चले अभियान में प्रदेशभर से 4,642 नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई के दौरान करीब 11.73 लाख किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 5.61 करोड़ रुपये बताई गई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाए गए अभियान में 2,605 लीगल और 2,037 सर्विलेंस नमूने लिए गए। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने इनमें से 680 नमूनों की जांच कर रिपोर्ट जारी की है। कार्रवाई के दौरान 18 लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निरस्त किए गए, जबकि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत 172 नोटिस जारी किए गए।

25 ब्रांड का घी असुरक्षित मिला

जांच में विभिन्न घी और दुग्ध उत्पादों के 174 नमूने अमानक पाए गए। वहीं घी के 25 ब्रांड असुरक्षित पाए गए, जिनमें पॉम ऑयल सहित अन्य मिलावट की पुष्टि हुई। संबंधित निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

भोपाल के हम्बल गाय घी, द्वारकेश, शगुन, दानेदार, भूमि, भूमि प्रीमियम प्योर और भूमि काउ प्योर समेत कई घी नमूने जांच में शामिल रहे। इसके अलावा उज्जैन, इंदौर, कटनी, दमोह, नर्मदापुरम, डिंडोरी और धार सहित कई जिलों के उत्पाद भी जांच में सामने आए हैं।

एनालॉग पनीर पर भी कार्रवाई

एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद प्रदेश के सभी जिलों में कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार अब तक करीब 10,835 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया जा चुका है।

भोपाल में 24 अगस्त को नागपुर से आने वाली बस में संदिग्ध मिल्क केक और मावा बिना बिल-बिल्टी के परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई के लिए नागपुर कलेक्टर को पत्र भेजा गया है।

विभाग ने असुरक्षित पाए गए घी ब्रांड के निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित राज्यों को भी सूचना भेजी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा संबंधित विक्रेताओं और निर्माताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर सक्षम न्यायालय में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि मिलावटी दूध, घी और दुग्ध उत्पादों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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