भोपाल, 25 अगस्त 2026। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और कैनकिड्स किड्सकैन के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल में बाल कैंसर की स्क्रीनिंग, शीघ्र पहचान, रेफरल और उपचार को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले की क्षमता बढ़ाकर कैंसर से संदिग्ध बच्चों की समय पर पहचान और उपचार के लिए रेफरल सुनिश्चित करना रहा।
कार्यशाला में RBSK मेडिकल अधिकारियों, ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों, BPM और BCM ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. ऋतेश रावत (DIO), डॉ. अनिमेष (NCD नोडल अधिकारी) सहित अन्य अधिकारियों ने किया।
विशेषज्ञों ने बताए बाल कैंसर के शुरुआती लक्षण
तकनीकी सत्रों में डॉ. नरेंद्र चौधरी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजिस्ट और डॉ. मेघा धवन, सीनियर रेजिडेंट, एम्स भोपाल ने प्रतिभागियों को बाल कैंसर के शुरुआती लक्षणों, स्क्रीनिंग प्रक्रिया, समय पर पहचान और प्रभावी रेफरल व्यवस्था की जानकारी दी। प्रशिक्षण में संदिग्ध मामलों को समय गंवाए बिना उच्च स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
बच्चों और परिवारों को मिलती हैं कई तरह की सहायता
कैनकिड्स किड्सकैन के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर सौरभ सिंह चौहान ने संस्था के सहायता मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैंसर से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को उपचार सुविधा के साथ पोषण, शिक्षा, मनोसामाजिक परामर्श, आवास सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
कैनकिड्स टीम की कंचना, सीनियर सोशल वर्कर, एम्स भोपाल, श्वेता, संजीव और साहित्य ने प्रशिक्षण के संचालन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने बाल कैंसर से प्रभावित बच्चों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने तथा निःशुल्क स्क्रीनिंग, जांच, रेफरल, उपचार और समग्र देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता जताई। आयोजकों के अनुसार स्वास्थ्य तंत्र की क्षमता वृद्धि और समयबद्ध रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण कदम है।
