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पुष्य नक्षत्र पर एम्स में स्वर्ण प्राशन संस्कार, 87 बच्चों ने लिया लाभ

आयुष विभाग ने लगाया निःशुल्क शिविर, बच्चों को दिए पुरस्कार

भोपाल। पुष्य नक्षत्र के अवसर पर एम्स भोपाल के आयुष विभाग की ओर से आयुर्वेद ओपीडी में स्वर्ण प्राशन संस्कार शिविर लगाया गया। इसमें 1 से 16 वर्ष तक की उम्र के 87 बच्चों ने भाग लिया। इनमें 55 बच्चे पहले से पंजीकृत थे, जबकि 32 बच्चों का मौके पर नया पंजीयन किया गया।

शिविर में आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. रंजना पांडे ने बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया। यह कार्यक्रम एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेंद्र कोतवाल (रि.) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

2022 से लगातार हो रहा आयोजन

आयुष विभाग की ओर से बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन संस्कार की यह पहल वर्ष 2022 से नियमित रूप से संचालित की जा रही है। अक्टूबर 2026 में इस पहल को चार वर्ष पूरे हो जाएंगे। विभाग की ओर से हर माह पुष्य नक्षत्र के दिन आयुर्वेद ओपीडी में यह शिविर निःशुल्क लगाया जाता है।

चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर डाबर प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से शिविर में शामिल सभी बच्चों को पुरस्कार भी दिए गए। पुरस्कार मिलने से बच्चों और उनके अभिभावकों में उत्साह नजर आया।

डॉ. रंजना पांडे ने अभिभावकों को स्वर्ण प्राशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आयुर्वेद में इसे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, शारीरिक विकास, मानसिक एकाग्रता और बौद्धिक विकास के लिए उपयोगी माना जाता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के संतुलित आहार, स्वस्थ दिनचर्या और नियमित स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान देने की अपील की।

आयुर्वेद दिवस तक होंगे विभिन्न आयोजन

आयुष विभाग के अनुसार आगामी 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत 1 से 23 सितंबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 1 सितंबर को डॉक्टरों और विद्यार्थियों के लिए ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद—आयुर्वेद और प्रिवेंशन’ विषय पर सीएमई आयोजित की गई थी।

वहीं, बच्चों के लिए आयोजित स्वर्ण प्राशन शिविर की थीम ‘भावी पीढ़ी—हमारे बच्चों के स्वास्थ्य का वरदान’ रखी गई। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों और अभिभावकों को बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।

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