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भाजपा को जनता के जनादेश का डर, इसलिए उपचुनाव रोके : जीतू पटवारी

नगरीय निकाय उपचुनाव स्थगित करने के फैसले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने निर्वाचन आयोग से मांगा स्पष्टीकरण

भोपाल, 9 सितंबर। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नगरीय निकायों के उपचुनाव स्थगित किए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग और भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अचानक चुनावों को आगामी आदेश तक स्थगित किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

पटवारी ने कहा कि नगरपालिका, नगर निगम और नगर पंचायत के उपचुनाव स्थगित कर दिए गए हैं, जबकि जनपद पंचायत और जिला पंचायत के उपचुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही प्रदेश में अलग-अलग चुनावों के लिए अलग व्यवस्था क्यों अपनाई जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नगरीय निकायों के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह पर होते हैं और भाजपा को आशंका है कि जनता उसके पक्ष में मतदान नहीं करेगी। पटवारी ने कहा कि यदि भाजपा को अपने जनसमर्थन पर भरोसा है तो उसे चुनाव से पीछे हटने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

चुनाव स्थगित करने के कारण बताने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 7 सितंबर 2026 को नगरीय निकाय उपचुनाव आगामी आदेश तक स्थगित करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका था। उन्होंने आयोग से चुनाव स्थगित करने के वास्तविक कारण सार्वजनिक करने की मांग की।

पटवारी ने सवाल किया कि यदि कानून-व्यवस्था, अतिरिक्त सुरक्षा बल की जरूरत, बारिश, आपदा राहत कार्य या आगामी त्योहार चुनाव स्थगित करने की वजह हैं, तो चुनाव कार्यक्रम जारी करने से पहले इन परिस्थितियों का आकलन क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और इन्हें सरकार की सुविधा के अनुसार नहीं चलाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, चुनाव स्थगित करने का फैसला केवल चुनावी प्रक्रिया का विषय नहीं है, बल्कि इससे निर्वाचन संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठते हैं।

पटवारी ने कहा कि भाजपा की कथित हार का डर चुनाव स्थगित करके नहीं छिपाया जा सकता। चुनाव आज नहीं तो कल होंगे और उस समय जनता अपना फैसला सुनाएगी।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी राजनीतिक दबाव से प्रभावित हुए बिना काम करने की अपील की। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता से समझौता नहीं करेगी।नोट: “भाजपा को हार का डर” और निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक दबाव के आरोपों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि पटवारी के आरोप/दावे के रूप में रखा गया है।

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