त्योहारों से पहले पुलिस ने किया बलवा मॉक ड्रिल का अभ्यास

300 जवानों ने भीड़ नियंत्रण, टियर गैस, लाठी और मेडिकल टीम की कार्रवाई का किया रिहर्सल
भोपाल। आगामी त्योहारों और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए भोपाल पुलिस ने शुक्रवार को पुलिस लाइन, नेहरू नगर में बलवा मॉक ड्रिल परेड आयोजित की। पुलिस उपायुक्त आदर्श कांत शुक्ला के नेतृत्व में हुए अभ्यास में सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी, विभिन्न थानों के पुलिसकर्मी और रक्षित केंद्र के अधिकारी-कर्मचारियों समेत करीब 300 जवान शामिल हुए।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस बल को अलग-अलग टीमों में बांटकर उनकी जिम्मेदारियां तय की गईं। इनमें टियर गैस, अश्रु गैस, लाठी, राइफल, मेडिकल और वाटर कैनन पार्टियां शामिल थीं। प्रदर्शन और भीड़ के उग्र होने जैसी स्थिति का रिहर्सल किया गया।
अभ्यास में पहले पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से संवाद कर स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित करने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर चेतावनी, अलाउंसमेंट, टियर गैस, अश्रु गैस और लाठी पार्टी के इस्तेमाल की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। गंभीर स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों और सक्षम मजिस्ट्रेट के निर्देश पर की जाने वाली कार्रवाई का भी रिहर्सल हुआ।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने का भी अभ्यास
मॉक ड्रिल में प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की स्थिति में तत्काल मेडिकल सहायता देने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई। मेडिकल टीम और एंबुलेंस के जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया।
पुलिस उपायुक्त आदर्श कांत शुक्ला ने जवानों को निर्देश दिए कि भीड़ नियंत्रण के दौरान परिस्थितियों का आकलन कर निर्धारित प्रोटोकॉल और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करें। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के साथ आमजन और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
पुलिस के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य बल की तैयारियों, आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है, ताकि धरना-प्रदर्शन, जुलूस या अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था प्रभावी ढंग से संभाली जा सके।





