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जैसीनगर में 500 विद्यार्थियों ने पूरी की तीन माह की निःशुल्क कोचिंग

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों को किया प्रोत्साहित, गणित, विज्ञान और रीजनिंग की किताबें भी बांटीं

भोपाल। सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में युवा शक्ति संगठन की ओर से संचालित एजीआर निःशुल्क क्लासेस के तीन माह पूरे हो गए हैं। इस दौरान 500 छात्र-छात्राओं ने कोर्स पूरा किया। समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण किया गया। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए गणित, विज्ञान और रीजनिंग की पुस्तकें भी दी गईं।

युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की थी। इसके लिए उन्होंने गांवों में जाकर विद्यार्थियों और छात्राओं से बातचीत की तथा उनकी पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को समझा। इसके बाद जैसीनगर में निःशुल्क क्लासेस शुरू की गईं, ताकि बच्चों को अपने क्षेत्र में ही पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल सके।

मेहनत और अनुशासन से लक्ष्य हासिल करें : राजपूत

समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी विद्यार्थी अपने लक्ष्य हासिल करेंगे और दूसरे बच्चों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि सुरखी विधानसभा का हर बच्चा ऐसा सूरज बने, जिसके प्रकाश से पूरा देश जगमगाए।

डिप्टी कलेक्टर नवीन ठाकुर ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने आईपीएस जैसी सेवाओं की तैयारी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग पर काफी खर्च आता है, जिसे हर परिवार वहन नहीं कर सकता। जैसीनगर में निःशुल्क कोचिंग मिलने से बच्चों को अपने क्षेत्र में रहकर तैयारी करने का अवसर मिलता है और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है।

विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

आकाश सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं और परेशानी के समय मदद के लिए साथ खड़े रहने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बच्चों को अपने सपनों के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, “सपने वे नहीं होते जो नींद में आते हैं, सपने वे होते हैं जो रातों को सोने नहीं देते।”

समारोह में वाद-विवाद, गायन, नृत्य, भाषण और शायरी प्रतियोगिताएं हुईं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। जे.के. सिलावट, रागिनी, दिव्या और विजय ने निर्णायक की भूमिका निभाई। साक्षी, अमरदीप, राम और महेंद्र ने शिक्षकों के प्रति आभार जताया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान और रीजनिंग की निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर देना और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना है।

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