
भोपाल, 6 अगस्त। मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य सरकार द्वारा बस किराए में की गई वृद्धि का विरोध करते हुए इसे आम जनता के हितों के खिलाफ बताया है। उन्होंने सरकार से बढ़े हुए किराए के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
अजय सिंह ने कहा कि बस किराए में बढ़ोतरी से सबसे अधिक असर छात्रों, किसानों, मजदूरों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने निजी बस संचालकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
उन्होंने दावा किया कि नए नियमों के तहत सामान्य बसों का मूल किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। साथ ही न्यूनतम किराया 7 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जिससे छोटी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी अतिरिक्त भार पड़ेगा।
अजय सिंह ने कहा कि विभिन्न श्रेणियों की बसों में रात्रिकालीन यात्रा के लिए भी यात्रियों को अधिक किराया देना होगा। उनके अनुसार नॉन-एसी डीलक्स, स्लीपर, एसी डीलक्स और सुपर लग्जरी बसों के किराए में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
उन्होंने सरकार के इस तर्क को भी खारिज किया कि कुछ श्रेणियों में अतिरिक्त नाइट चार्ज या एक्सप्रेस सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा। उनका कहना है कि जब मूल किराया ही बढ़ा दिया गया है तो इससे यात्रियों को कोई वास्तविक राहत नहीं मिलेगी।
अजय सिंह ने परिवहन विभाग से बस किराया बढ़ाने संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
«नोट: समाचार में सरकार के फैसले पर की गई आलोचना और लगाए गए आरोप पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के बयान पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।»





