
पीआईबी की मीडिया कार्यशाला में पर्यावरणीय चुनौतियों और समाधानों पर मंथन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधारोपण
भोपाल, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल स्थित Press Information Bureau (पीआईबी) द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में पर्यावरण संरक्षण विषय पर केंद्रित मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। “वार्तालाप” शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जल संकट, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पीआईबी के निदेशक मनीष गौतम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा बताते हुए विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
विकास के साथ वृक्षारोपण और संरक्षण भी जरूरी
मनीष गौतम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, नदी संरक्षण, हरित विकास और वृक्षारोपण जैसी पहलों को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने का माध्यम है।
जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं
कार्यक्रम में भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं पर्यावरणविद् डॉ. योगेश दुबे ने जलवायु परिवर्तन, जल संकट, प्रदूषण और जैव विविधता संरक्षण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, सर्कुलर इकोनॉमी और अपशिष्ट प्रबंधन को केवल नीतियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इन्हें प्रत्येक नागरिक की जीवनशैली का स्थायी हिस्सा बनाना होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में जल और पर्यावरण संकट और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।
प्रकृति संरक्षण मानव अस्तित्व के लिए अनिवार्य
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के जनसंपर्क अधिकारी हेमंत सिंह परिहार ने कहा कि जल और प्रकृति का संरक्षण मानव जीवन और सभ्यता के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वहीं Maulana Azad National Institute of Technology की सहप्राध्यापक डॉ. मीना अग्रवाल ने सीमित प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
पर्यावरण विशेषज्ञ गिरीश जोशी ने कहा कि केवल जागरूकता अभियान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों के व्यवहार और जीवनशैली में वास्तविक बदलाव लाना होगा।
केंद्र सरकार की पर्यावरणीय योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम में केंद्रीय संचार ब्यूरो के सहायक निदेशक पराग मांदले ने ग्रीन इंडिया मिशन, नगर वन वाटिका योजना, ‘एक पेड़ मां के नाम’, नमामि गंगे और आर्द्रभूमि संरक्षण जैसी केंद्र सरकार की प्रमुख पर्यावरणीय योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर पीआईबी के सहायक निदेशक अजय उपाध्याय तथा केंद्रीय संचार ब्यूरो के उपनिदेशक शारिक नूर सहित मीडिया प्रतिनिधि और विभिन्न संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बीएसएनएल परिसर में भी हुआ पौधारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बीएसएनएल के दूरसंचार महिला कल्याण संगठन द्वारा बीएसएनएल मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय और अरेरा टेलीफोन एक्सचेंज परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मीनाक्षी सिंह एवं बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार ने की। इस दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और संगठन के सदस्यों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मीनाक्षी सिंह ने कहा कि संगठन पर्यावरण को स्वच्छ, हराभरा और ऑक्सीजन से समृद्ध बनाने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधारोपण कर हरित भविष्य के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण बना जनभागीदारी का अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस पर भोपाल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह सतत विकास, मानव स्वास्थ्य और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा से जुड़ा एक साझा दायित्व है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के माध्यम से ही एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण संभव है।



