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भोपाल के प्रतिष्ठित होटल कोटयार्ड मैरिएट में केंद्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस निलंबित

भोपाल। राजधानी के आतिथ्य और होटल उद्योग में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शहर के  पांच सितारा होटल कोर्टयार्ड मैरिएट में व्यापक निरीक्षण कर गंभीर खाद्य सुरक्षा अनियमितताओं का खुलासा किया। निरीक्षण के बाद होटल का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसे हाल के वर्षों में भोपाल में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर की गई सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार कार्रवाई केंद्रीय और राज्य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई। जांच का केंद्र डीबी मॉल क्षेत्र के समीप संचालित होटल कोर्टयार्ड परिसर था, जहां खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी शिकायतों के आधार पर निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां

अधिकारियों के अनुसार होटल के किचन, स्टोरेज एरिया और खाद्य सामग्री प्रबंधन प्रणाली की जांच के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं। निरीक्षण में स्वच्छता मानकों का पालन संतोषजनक नहीं पाया गया और खाद्य पदार्थों के भंडारण एवं उपयोग से जुड़े नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले।

खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार होटल और रेस्तरां प्रतिष्ठानों में कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों के रखरखाव, स्वच्छता तथा कीट नियंत्रण के लिए विशेष प्रोटोकॉल निर्धारित हैं। निरीक्षण दल का मानना है कि कई स्तरों पर इन मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।

किचन और स्टोरेज क्षेत्र में मिली गंदगी

जांच के दौरान अधिकारियों ने कोर्टयार्ड मैरिएट की किचन और भंडारण क्षेत्रों की स्थिति का भी आकलन किया। रिपोर्ट के अनुसार सफाई व्यवस्था में गंभीर कमियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान कीट एवं कृंतकों (रॉडेंट) की मौजूदगी से जुड़े संकेत भी मिले, जिससे खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं।

विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में चूहों और कीटों की मौजूदगी भोजन के दूषित होने का बड़ा कारण बन सकती है तथा इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

शाकाहारी और मांसाहारी सामग्री के भंडारण पर सवाल

निरीक्षण दल ने खाद्य सामग्री के भंडारण तरीके पर भी आपत्ति जताई। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि शाकाहारी और मांसाहारी उत्पादों के पृथक भंडारण संबंधी मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा था।

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अलग-अलग श्रेणी की खाद्य सामग्री को पृथक रखना केवल धार्मिक या सांस्कृतिक संवेदनशीलता का विषय नहीं है, बल्कि क्रॉस-कंटैमिनेशन रोकने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

मसालों और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान उपयोग में लाई जा रही कुछ खाद्य सामग्रियों और मसालों की गुणवत्ता की भी जांच की गई। अधिकारियों ने कुछ उत्पादों के मानक और स्रोत संबंधी दस्तावेजों की समीक्षा की तथा आवश्यक नमूने परीक्षण के लिए सुरक्षित किए।

खाद्य विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च श्रेणी के होटलों में गुणवत्ता नियंत्रण की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहक भोजन करते हैं।

लाइसेंस निलंबन का बड़ा संदेश

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संबंधित खाद्य लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने को सख्त प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल एक प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पूरे होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन के प्रति सचेत करना भी है।

उपभोक्ता सुरक्षा पर बढ़ा फोकस

हाल के वर्षों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर निगरानी बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता परीक्षण और लाइसेंसिंग नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है।

यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में अब प्रशासन और नियामक एजेंसियां अधिक सक्रिय रुख अपना रही हैं। यदि जांच में सामने आई कमियों का समय पर सुधार नहीं किया गया तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

नोट: किसी भी संस्थान के विरुद्ध अंतिम निष्कर्ष संबंधित सक्षम प्राधिकरण की जांच, परीक्षण रिपोर्ट और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाता है। वर्तमान कार्रवाई निरीक्षण के दौरान पाई गई कथित अनियमितताओं के आधार पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई है।

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