State

BRICS Culture Summit 2026: भोपाल घोषणा पत्र में साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म और UNESCO नामांकन पर बनी सहमति

भोपाल, 10 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 11वीं BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक और BRICS संस्कृति कार्य समूह का समापन साझा सांस्कृतिक विरासत, डिजिटल सहयोग और सांस्कृतिक संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ। सम्मेलन में ‘भोपाल घोषणा पत्र’ को सर्वसम्मति से अपनाया गया।

भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में 14 देशों के 55 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें 10 BRICS सदस्य देशों के साथ चार साझेदार देश शामिल रहे। सम्मेलन का मुख्य संदेश साझी संस्कृति, शांति, पारस्परिक सम्मान और समावेशी विकास रहा।

कलाकारों के लिए बनेगा साझा BRICS डिजिटल प्लेटफॉर्म

सम्मेलन में भारत के ‘स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री’ प्रस्ताव को सभी सहभागी देशों ने स्वीकार किया। इसके तहत एक साझा BRICS डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा।

इस प्लेटफॉर्म पर BRICS देशों के कलाकारों, शिल्पकारों, विचारकों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों से संबंधित नीतियों और गतिविधियों को भी साझा किया जाएगा।

प्लेटफॉर्म के जरिए दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, ऐतिहासिक स्थापत्य विरासत और पारंपरिक रचनात्मक विधाओं से जुड़ी जानकारी साझा करने की योजना है। इससे कलाकारों के बीच सहयोग और जन-से-जन संपर्क बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

UNESCO के लिए साझा नामांकन भेजेंगे BRICS देश

सम्मेलन में BRICS देशों के बीच साझा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए संयुक्त या बहुराष्ट्रीय नामांकन की दिशा में काम करने पर भी सहमति बनी।

इसके साथ ही अवैध रूप से बाहर ले जाई गई या तस्करी की गई सांस्कृतिक संपदाओं की पहचान और वापसी के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस काम में आधुनिक तकनीक और AI आधारित ट्रैकिंग सिस्टम के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

AI और कॉपीराइट पर भी जोर

‘भोपाल घोषणा पत्र’ में सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों को सतत विकास और आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया है।

घोषणा पत्र में कलाकारों के अधिकारों की सुरक्षा और डिजिटल दौर की चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया गया। खासतौर पर AI सिस्टम में कॉपीराइट से संरक्षित रचनाओं के इस्तेमाल में पारदर्शिता और रचनाकारों को उचित पारिश्रमिक देने की आवश्यकता पर सहमति जताई गई।

संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागारों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा दस्तावेजी विरासत के डिजिटलीकरण को भी प्राथमिकता दी गई।

सांची और भीमबेटका पहुंचे BRICS प्रतिनिधि

सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से भी परिचित कराया गया। प्रतिनिधिमंडलों ने भोपाल में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, गौहर महल, इकबाल मैदान, मोती मस्जिद और वन विहार का भ्रमण किया। इसके अलावा बड़ा तालाब में शिकारा सवारी भी की।

प्रतिनिधियों ने UNESCO विश्व धरोहर स्थलों सांची और भीमबेटका का भी दौरा किया। सांची में उन्होंने बौद्ध स्तूपों, तोरण द्वारों और संग्रहालय का अवलोकन किया। भीमबेटका में प्रागैतिहासिक शैलाश्रयों और हजारों वर्ष पुराने शैलचित्रों को देखा।

प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, आतिथ्य और स्थानीय संस्कृति की सराहना की।

BRICS Cultural Festival में दिखी वैश्विक सांस्कृतिक विविधता

भोपाल के रवींद्र भवन में 6 और 7 अगस्त को BRICS Cultural Festival का आयोजन किया गया। इसमें बेलारूस, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस और UAE के कलाकारों ने पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियां दीं।

भारत की ओर से राजस्थान की लोक नृत्य प्रस्तुति ‘मारू के रंग’ प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में अलग-अलग देशों के कलाकारों ने अपनी भाषाओं में ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का सामूहिक गायन कर सांस्कृतिक एकता और शांति का संदेश दिया।

मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश: भारत के हृदय की एक नृत्य-नाट्य यात्रा’ भी प्रस्तुत की गई। 125 से अधिक कलाकारों की इस प्रस्तुति में प्रदेश की प्रागैतिहासिक विरासत से लेकर आधुनिक सांस्कृतिक यात्रा को दर्शाया गया।

‘प्रोजेक्ट मौसम’ और ‘ज्ञान भारतम्’ बनीं आकर्षण

सम्मेलन के दौरान भारत की सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रदर्शनियां भी लगाई गईं।

– प्रोजेक्ट मौसम: हिंद महासागर के समुद्री मार्गों के जरिए भारत के प्राचीन व्यापारिक और सांस्कृतिक संपर्कों को दर्शाया गया।
– बृहत्तर भारत: दक्षिण-पूर्व एशिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय कला, स्थापत्य और संस्कृति के प्रभाव को प्रदर्शित किया गया।
– ज्ञान भारतम्: प्राचीन पांडुलिपियों, वैज्ञानिक ज्ञान, खगोलशास्त्र और भारत की मौखिक ज्ञान परंपराओं को प्रदर्शित किया गया।

भोपाल घोषणा पत्र से सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा

8 अगस्त 2026 को अपनाया गया ‘भोपाल घोषणा पत्र’ BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग का रोडमैप प्रस्तुत करता है। इसमें सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, डिजिटल तकनीक, AI, कलाकारों के अधिकार, रचनात्मक उद्योगों और सांस्कृतिक संस्थानों के बीच सहयोग को प्राथमिकता दी गई है।

भोपाल में हुए सम्मेलन ने मध्यप्रदेश की पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ आयोजित इस सम्मेलन में संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शांति और पारस्परिक सम्मान का माध्यम बनाने पर जोर दिया गया।

Related Articles