थार खरीदने की जिद ने खोला करोड़ों की नकदी का राज, जमीन में दबे मिले तीन नीले ड्रम

प्रयागराज में दो भाइयों के घर से करोड़ों रुपये की बरामदगी, पुणे के व्यापारी से जुड़ रही रकम की कड़ियां; आयकर विभाग कर रहा जांच
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के नवाबगंज क्षेत्र में करोड़ों रुपये की नकदी मिलने का मामला चर्चा में है। बरईपुर रामनगर गांव में दो भाइयों के घर की जमीन के नीचे दबे तीन नीले ड्रमों से 500 रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद की गईं। मामले में पुलिस और आयकर विभाग जांच कर रहे हैं। हालांकि, नकदी के वास्तविक स्रोत का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजेश यादव और उनके छोटे भाई राकेश यादव उर्फ महाकाल कोरोना महामारी के दौरान पुणे से अपने गांव लौटे थे। दोनों वहां मजदूरी करते थे। गांव लौटने के बाद उन्होंने जमीन खरीदी और कारोबार शुरू किया। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों भाइयों ने कम समय में काफी संपत्ति अर्जित की थी।
जमीन के नीचे छिपाए थे नोटों के ड्रम
28 अक्टूबर की रात पुलिस को सूचना मिली कि गांव में एक मकान के भीतर जमीन के नीचे चोरी की नकदी छिपाई गई है। इसके बाद पुलिस टीम ने तलाशी अभियान चलाया। खुदाई के दौरान तीन ड्रम मिले, जिनमें 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी थीं।
आयकर विभाग की जांच के दौरान बरामद नकदी की गिनती की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रकम करीब 3.20 करोड़ रुपये बताई गई है। अधिकारियों ने नकदी के स्रोत और भाइयों की संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
पुणे के व्यापारी से जुड़ रही रकम की कड़ी
मामले में सामने आई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों भाई पुणे में एक सोने-चांदी के व्यापारी के यहां काम करते थे। कोरोना महामारी के दौरान गांव लौटने के बाद उनके पास बड़ी रकम होने की बात कही जा रही है।
हालांकि, कुछ रिपोर्टों में अलग-अलग दावे किए गए हैं। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद नकदी का संबंध किसी व्यापारी से है या किसी अन्य गतिविधि से। इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अब संपत्ति और निवेश की जांच
आयकर विभाग दोनों भाइयों की जमीन, मकान, कारोबार और अन्य निवेशों की जानकारी जुटा रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य बरामद नकदी के वास्तविक स्रोत का पता लगाना है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं रकम का संबंध किसी आपराधिक गतिविधि से तो नहीं है।
इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों रुपये जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए थे और लंबे समय तक किसी को इसकी जानकारी नहीं थी। अब जांच एजेंसियां इस नकदी के पीछे की पूरी कहानी सामने लाने में जुटी हैं।





