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आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल में नवीन इंटरैक्टिव प्रादर्श ‘त्रिविम दृष्टि’ का उद्घाटन, खेल-खेल में विज्ञान समझेंगे विद्यार्थी

भोपाल, 19 जून। विज्ञान संचार और अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल में नवीन इंटरैक्टिव प्रादर्श ‘त्रिविम दृष्टि (Stereoscopic Vision)’ का उद्घाटन किया गया। इस प्रादर्श के माध्यम से आगंतुकों को विज्ञान की अवधारणाओं को रोचक और सहभागितापूर्ण तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।

प्रादर्श का उद्घाटन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (रा.वि.सं.प.) की गवर्निंग बॉडी के सदस्य , , और द्वारा किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के महानिदेशक की उपस्थिति में आयोजित हुआ।

इस अवसर पर के निदेशक , के निदेशक एवं राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के पश्चिमी क्षेत्रीय प्रमुख उमेश कुमार रुस्तगी, रा.वि.सं.प. मुख्यालय के निदेशक राजीब नाथ सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

खेल आधारित गतिविधि से समझेंगे विज्ञान

‘त्रिविम दृष्टि’ प्रादर्श विज्ञान को खेल आधारित गतिविधि के माध्यम से समझाने का अभिनव प्रयास है। इसमें आगंतुकों को स्क्रीन पर दिखाई देने वाली वर्गाकार आकृतियों पर गेंद के माध्यम से निशाना लगाना होता है।

लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदने पर स्क्रीन पर किसी भारतीय वैज्ञानिक का परिचय, उनकी जीवनी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित होती है।

इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थी और अन्य आगंतुक मनोरंजन के साथ-साथ देश के प्रमुख वैज्ञानिकों और उनकी उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का प्रयास

उद्घाटन अवसर पर अतिथियों ने प्रादर्श का अवलोकन किया और इसकी अभिनव अवधारणा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे इंटरैक्टिव प्रादर्श विज्ञान को अधिक सरल, रोचक और अनुभव आधारित बनाते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से विज्ञान सीखने की प्रक्रिया विद्यार्थियों और युवाओं में जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। साथ ही भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने में भी ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल द्वारा लगातार ऐसे प्रादर्श और कार्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं, जिनसे आमजन और विद्यार्थी विज्ञान की दुनिया से सीधे जुड़ सकें। ‘त्रिविम दृष्टि’ भी इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो विज्ञान, वैज्ञानिक उपलब्धियों और भारत के वैज्ञानिक योगदानों को आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक रूप में प्रस्तुत करती है।

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