ईडीआईआई और सीएसआईआर-सीडीआरआई ने आयोजित की टेक्नोलॉजी शोकेस एंड एडॉप्शन वर्कशॉप
अहमदाबाद, 19 सितंबर। फार्मास्युटिकल क्षेत्र के एमएसएमई को नई तकनीक अपनाने और शोध संस्थानों से जोड़ने के उद्देश्य से एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई), अहमदाबाद और सीएसआईआर-सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएसआईआर-सीडीआरआई), लखनऊ ने संयुक्त रूप से टेक्नोलॉजी शोकेस एंड एडॉप्शन वर्कशॉप का आयोजन किया। ईडीआईआई परिसर में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम का विषय ‘इनोवेशन से एंटरप्राइज तक-गुजरात के फार्मा एमएसएमई को टेक्नोलॉजी से जोड़ना’ रहा।
वर्कशॉप में फार्मा एमएसएमई के सामने आने वाली फॉर्म्युलेशन की गुणवत्ता, उत्पाद परीक्षण, नियामक अनुपालन और आधुनिक ड्रग-डिलीवरी तकनीक तक पहुंच जैसी चुनौतियों पर चर्चा की गई। इसमें उद्यमियों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, आरएंडडी और क्यूए/क्यूसी से जुड़े विशेषज्ञों को सीएसआईआर-सीडीआरआई के वैज्ञानिकों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला।
कार्यक्रम में गुजरात एफडीसीए के संयुक्त आयुक्त जेपी पटेल, सीएसआईआर-सीडीआरआई की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन और ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला मौजूद रहे। जेपी पटेल ने कहा कि तकनीक संस्थानों, नियामक एजेंसियों और एमएसएमई के बीच बेहतर समन्वय से नई तकनीकों को व्यावहारिक समाधान में बदलने में मदद मिलेगी।
डॉ. राधा रंगराजन ने कहा कि प्रयोगशाला में विकसित तकनीक को उद्योग तक पहुंचाने के लिए ऐसे समाधान जरूरी हैं, जिन्हें एमएसएमई आसानी से अपना सकें। डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा कि उद्यमिता तकनीक और आर्थिक मूल्य निर्माण के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है।
वर्कशॉप में सीएसआईआर-सीडीआरआई ने ट्रांसफर के लिए तैयार चार फॉर्म्युलेशन तकनीकों का प्रदर्शन किया। इनका चयन तकनीकी तैयारी और एमएसएमई द्वारा अपनाए जाने की संभावनाओं के आधार पर किया गया। इसके अलावा एपीआई, इंटरमीडिएट और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्योगों के लिए प्रोसेस केमिस्ट्री पर विशेष सत्र हुआ। ईडीआईआई ने इनक्यूबेशन, एंटरप्राइज सपोर्ट, फंडिंग योजनाओं और तकनीक अपनाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी।
