नई दिल्ली, 7 सितंबर। देशभर के 16 शिक्षकों को शिव नाडर फाउंडेशन–ऑक्सफोर्ड सईद India’s Best Teachers Awards 2026 का राष्ट्रीय विजेता चुना गया है। पुरस्कार के पहले संस्करण में 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 9,400 से अधिक पंजीकरण मिले थे। विजेताओं की घोषणा शिव नाडर यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर में आयोजित राष्ट्रीय फाइनल में की गई।
राष्ट्रीय फाइनल में देशभर से चुने गए 79 शिक्षकों ने जूरी के सामने अपनी शिक्षण पद्धतियों, कक्षा में किए गए नवाचारों और विद्यार्थियों पर उनके प्रभाव से जुड़े परिणाम प्रस्तुत किए। यह पुरस्कार कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को आठ विषयों में दिया गया। प्रत्येक विषय में एक सरकारी और एक निजी स्कूल के शिक्षक को विजेता चुना गया।
इन 16 शिक्षकों को मिला पुरस्कार
विषय| सरकारी स्कूल| निजी स्कूल
बिजनेस स्टडीज एवं एंटरप्रेन्योरशिप| आरती भोकर, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर-1, गया, बिहार| बरखा कौशिक, एन.के. बागरोदिया पब्लिक स्कूल, द्वारका, नई दिल्ली
कंप्यूटर साइंस| इशिता पांडे, केंद्रीय विद्यालय एसईसीएल झगराखंड, छत्तीसगढ़| जोविता प्रीति, एईसीएस मैग्नोलिया मारुति पब्लिक स्कूल, बेंगलुरु
इकोनॉमिक्स| रेखा राजन कृष्णकुमारी, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पट्टम, तिरुवनंतपुरम| वनिता कबरा, चिल्ड्रन्स एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल, मुंबई
इंग्लिश| साक्षी देशवाल, पीएम श्री जीआईसी पुरकाजी, उत्तर प्रदेश| सुपर्णा मिश्रा, दिल्ली पब्लिक स्कूल, कानपुर
एनवायरमेंटल साइंस| मीरा राठौड़, आर्मी पब्लिक स्कूल, जोधपुर| वसुंधरा यादव, ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल, रायपुर
जियोग्राफी| विनायक कोहली, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कोंडागांव, छत्तीसगढ़| मीना करुप्पिया एस, महात्मा ग्लोबल गेटवे, मदुरै
मैथमेटिक्स| भगवती बिष्ट, आर्मी पब्लिक स्कूल, नोएडा| एस. कृतिका गणेश, पद्मा शेषाद्रि बाला भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चेन्नई
फिजिक्स| श्रीराम एस, इलांगो अडिगल सरकारी विद्यालय, पुडुचेरी| वैष्णवी भावे, सोमलवार स्कूल निकोलस, नागपुर
अनुभव नहीं, शिक्षण के प्रभाव को बनाया आधार
आयोजकों के अनुसार शिक्षकों के चयन में उनकी शैक्षणिक योग्यता या सेवा अवधि के बजाय कक्षा में उनके काम की गुणवत्ता और विद्यार्थियों पर उसके प्रभाव को प्राथमिकता दी गई। शिक्षकों का मूल्यांकन विषय की समझ, पढ़ाने के तरीके, विद्यार्थियों की प्रगति, फीडबैक, सभी विद्यार्थियों की भागीदारी, सीखने के परिणाम और उनकी शिक्षण पद्धति को दूसरे स्कूलों में लागू किए जाने की संभावना जैसे मानकों पर किया गया।
राष्ट्रीय फाइनल में 79 शिक्षकों का विषयवार जूरी ने मूल्यांकन किया। इसमें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शिक्षाविदों के साथ भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल थे।
विजेताओं को मिलेगा ऑक्सफोर्ड में प्रशिक्षण
पुरस्कार के साथ शिक्षकों के पेशेवर विकास को भी जोड़ा गया है। सभी 16 विजेता पांच सप्ताह के मिश्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सईद बिजनेस स्कूल में एक सप्ताह के पूरी तरह फंडेड आवासीय कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
इस कार्यक्रम में शिक्षक अपने अनुभव साझा करेंगे और शिक्षण पद्धति, नेतृत्व तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विषयों पर सीखेंगे और चर्चा करेंगे।
शिक्षकों के योगदान को पहचान देने की पहल
शिव नाडर फाउंडेशन के चेयरमैन शिखर मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षक केवल विषय पढ़ाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के सोचने, सवाल करने और समस्याओं का समाधान करने के तरीके को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरस्कार के जरिए शिक्षकों के काम की गुणवत्ता और विद्यार्थियों पर उनके प्रभाव को पहचान देने का प्रयास किया गया है।
ऑक्सफोर्ड सईद बिजनेस स्कूल के सीओओ मानोस कैप्टेरियन ने कहा कि एक अच्छे शिक्षक का प्रभाव केवल कक्षा या एक शैक्षणिक वर्ष तक सीमित नहीं रहता। उन्होंने कहा कि पुरस्कार के साथ निरंतर सीखने का अवसर जोड़ना इसकी महत्वपूर्ण विशेषता है।
ऑक्सफोर्ड सईद बिजनेस स्कूल में यूथ एजुकेशन एंड ग्लोबल इंक्लूजन की निदेशक जो फॉक्स ने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षकों को अपने काम पर विचार करने और अलग-अलग अनुभव वाले शिक्षकों के साथ सीखने का अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कठोर शैक्षणिक मूल्यांकन पुरस्कार की विश्वसनीयता बढ़ाता है।
