‘एक बगिया माँ के नाम’ योजना से जनजातीय महिला ने तैयार किया आय का नया जरिया
भोपाल, 17 सितंबर। भानपुर केकड़िया ग्राम पंचायत की स्व-सहायता समूह सदस्य कालीबाई ने मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है। उन्होंने अपनी एक एकड़ जमीन पर ‘एक बगिया माँ के नाम’ योजना के तहत ड्रैगन फ्रूट के 100 पौधे लगाए हैं। इसके साथ ही फूलों और अन्य फलों की मिश्रित खेती भी कर रही हैं।
कालीबाई ने शुरुआत में प्रयोग के तौर पर ड्रैगन फ्रूट के दो पौधे लगाए थे। अच्छा उत्पादन मिलने से उनका भरोसा बढ़ा और उन्होंने बड़े स्तर पर बागवानी शुरू करने का निर्णय लिया। अब 100 पौधों की बगिया तैयार हो चुकी है। उनका उद्देश्य ड्रैगन फ्रूट के साथ दूसरी फसलों से भी आय के अलग-अलग स्रोत तैयार करना है।
बगिया के लिए सिंचाई की व्यवस्था मजबूत करने में खेत-तालाब अहम भूमिका निभा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग और मनरेगा के तहत खेत-तालाब निर्माण के लिए उन्हें 4.50 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। वहीं पौधरोपण, फेंसिंग और अन्य कृषि कार्यों के लिए योजना के तहत 2.87 लाख रुपए का सहयोग मिला है।
कालीबाई के अनुसार, खेत-तालाब बनने से फसलों को वर्षभर पानी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि दो पौधों से शुरू हुआ प्रयोग अब 100 पौधों की बगिया में बदल गया है और यही बगिया उनके परिवार के भविष्य की उम्मीद बन गई है।
