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फार्मार्ट का प्रोजेक्ट एवरग्रेन मध्य प्रदेश में शुरू, 1350 किसानों को दिया प्रशिक्षण

सागर और टीकमगढ़ में महिला किसानों की भागीदारी पर जोर, तीन बुवाई चक्रों में होंगे 3000 मृदा परीक्षण

भोपाल। कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के उद्देश्य से एग्री-फूड कॉमर्स प्लेटफॉर्म फार्मार्ट ने प्रोजेक्ट एवरग्रेन के दूसरे चरण का मध्य प्रदेश में विस्तार किया है। इसके तहत सागर और टीकमगढ़ में 1350 से अधिक किसानों को जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया गया है। कंपनी अगले 18 महीनों में प्रदेश के चयनित जिलों में 1000 से अधिक छोटे और सीमांत किसानों के साथ काम करेगी। इस दौरान तीन बुवाई चक्रों में 3000 मृदा परीक्षण कर किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता और मौसम के अनुकूल खेती संबंधी सलाह दी जाएगी।

25 से 28 अक्टूबर तक आयोजित प्रशिक्षण में किसानों को जलवायु सहनशील फसलों के चयन, रोग प्रबंधन और मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संतुलित उर्वरक इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई।

15 मिट्टी सखियां संभालेंगी जिम्मेदारी

कार्यक्रम के तहत 15 प्रशिक्षित मिट्टी सखियां किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र करेंगी। वे मृदा परीक्षण रिपोर्ट समझने और वैज्ञानिक सलाह किसानों तक पहुंचाने में मदद करेंगी। महिला नेतृत्व वाले किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से भी किसानों को जोड़ा जाएगा। फार्मार्ट की इम्पैक्ट, ईएसजी एवं पार्टनरशिप्स निदेशक तान्या गर्ग के अनुसार, किसानों को उनकी जमीन, फसल और मौसम के अनुरूप सलाह उपलब्ध कराना कार्यक्रम का उद्देश्य है।

15 से 20 प्रतिशत आय बढ़ाने का लक्ष्य

कंपनी के अनुसार, कार्यक्रम के तहत कृषि आदानों की लागत में 10 प्रतिशत कमी और उत्पादकता में 10 से 15 प्रतिशत सुधार के जरिए किसानों की शुद्ध कृषि आय 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

प्रोजेक्ट के पहले चरण में 2200 से अधिक किसानों को कटाई के बाद फसल प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया था। कंपनी के अनुसार, इससे धान में प्रति किसान 4860 रुपये और गेहूं में 5687 रुपये की अतिरिक्त आय दर्ज की गई थी।

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