भोपाल में SC-ST युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल, शिक्षित और अशिक्षित दोनों वर्ग होंगे लाभान्वित
भोपाल, 13 मई। मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वरोजगार योजनाओं का शुभारंभ कर दिया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को 10 हजार रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना एवं संत रविदास स्वरोजगार योजना के तहत सेवा व्यवसाय शुरू करने के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपए तथा निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपए तक का ऋण दिया जाएगा। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदक का न्यूनतम 8वीं पास होना जरूरी है तथा आयु सीमा 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है।
वहीं कम शिक्षित और अशिक्षित युवाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। टंटया मामा आर्थिक कल्याण योजना और डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना के तहत 10 हजार से 1 लाख रुपए तक का बैंक ऋण प्रदान किया जाएगा। इन योजनाओं में 18 से 55 वर्ष तक के आवेदक पात्र होंगे।
राज्य शासन द्वारा लाभार्थियों को प्रतिवर्ष 5 से 7 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा, जिससे स्वरोजगार शुरू करने वाले युवाओं को आर्थिक राहत मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।