ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने पहुंचे पिता से मांगे गए पैसे, पारदर्शिता को लेकर खड़े हुए सवाल
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) को लेकर सामने आया मामला शिक्षा व्यवस्था और निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। जानकारी के अनुसार एक अभिभावक अपने बेटे का ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने स्कूल पहुंचे थे, जहां उनसे कथित तौर पर 200 रुपये की मांग की गई।
बताया गया कि अभिभावक ने पहले पैसे जमा कर दिए, लेकिन बाद में उन्होंने स्कूल प्रशासन से पूछा कि आखिर ट्रांसफर सर्टिफिकेट देने के लिए यह राशि किस आधार पर ली जा रही है। अभिभावक का कहना था कि सामान्यतः TC जारी करने के लिए अलग से शुल्क का कोई स्पष्ट नियम नहीं होता।
“प्रोसेसिंग चार्ज” बताकर मांगे गए पैसे
सूत्रों के अनुसार जब अभिभावक ने सवाल उठाया तो स्कूल प्रशासन की ओर से इसे “प्रोसेसिंग चार्ज” बताया गया। इसके बाद अभिभावक ने रसीद और लिखित नियम दिखाने की मांग की। मामला बढ़ता देख स्कूल प्रशासन ने स्थिति संभालने का प्रयास किया।
इस घटना के बाद निजी स्कूलों में अतिरिक्त शुल्क और अनौपचारिक वसूली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि कई बार छोटी रकम होने के कारण लोग विरोध नहीं करते, लेकिन ऐसे मामलों में पारदर्शिता जरूरी है।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों द्वारा किसी भी प्रकार की फीस या शुल्क लेने पर स्पष्ट नियम, रसीद और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि मनमाने शुल्क की शिकायतें सामने न आएं।
यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां कई लोगों ने निजी स्कूलों की फीस और अतिरिक्त शुल्क व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं कुछ लोगों ने अभिभावक द्वारा सवाल पूछने को जागरूकता का उदाहरण बताया है।
दिल्ली के प्राइवेट स्कूल में TC के नाम पर ₹200 मांगने का मामला, अभिभावक ने उठाए सवाल
