मृत गौवंश के निस्तारण से लेकर गौशाला की सफाई, पानी और रेस्क्यू टीम की व्यवस्था पर लिए फैसले
गौ-हद धाम। क्षेत्र में गौवंश की बदहाल व्यवस्था को लेकर उठी शिकायतों के बाद नगर पालिका में पांच सदस्यीय टीम की बैठक हुई। इसमें शहर में घूम रहे बेसहारा और बीमार गौवंश, मृत गौवंश के निस्तारण, गौशाला की सफाई, पानी की व्यवस्था और रेस्क्यू व्यवस्था को लेकर कई फैसले लिए गए।
बैठक के बाद पहाड़ क्षेत्र में मृत पड़े गौवंश को जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर दफन किया गया। मृत गौवंश के निस्तारण को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसके बाद नगर पालिका ने तत्काल कार्रवाई की।
पांच दिन में गौशाला की सफाई
बैठक में गौशाला की सफाई व्यवस्था को पांच दिन के भीतर दुरुस्त करने का निर्णय लिया गया। गौवंश के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया। गौशाला की व्यवस्था को सुचारू करने के लिए 50 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई।
बीमार गौवंश के लिए काऊ कैचर
लम्पी वायरस से प्रभावित और बीमार गौवंश को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए काऊ कैचर वाहन की व्यवस्था जल्द करने का निर्णय लिया गया है। इससे बीमार और घायल गौवंश के रेस्क्यू में मदद मिलने की उम्मीद है।
चार सदस्यीय टीम और अधिकारी संभालेंगे रेस्क्यू
गौवंश को सड़कों से उठाकर गौशाला तक पहुंचाने के लिए चार सदस्यीय टीम के साथ एक अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। टीम बेसहारा, बीमार, घायल और जरूरतमंद गौवंश की सूचना मिलने पर रेस्क्यू का काम करेगी। बैठक में पुराने कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की बात भी सामने आई है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
नगरवासियों से गौवंश से जुड़ी सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8602619094 जारी किया गया है। इस नंबर पर बीमार, घायल, बेसहारा या लम्पी से प्रभावित गौवंश की सूचना दी जा सकती है।
अब इन फैसलों को तय समय-सीमा में लागू करना नगर पालिका के सामने मुख्य चुनौती है। खास तौर पर पांच दिन में सफाई और पानी की व्यवस्था, काऊ कैचर की उपलब्धता तथा रेस्क्यू टीम की नियमित सक्रियता पर लोगों की नजर रहेगी। स्थानीय स्तर पर गौवंश की सुरक्षा, समय पर रेस्क्यू और गौशाला की बेहतर व्यवस्था की मांग की गई है।यदि चाहें तो इसे मैं 250 शब्दों की और ज्यादा धारदार प्रिंट न्यूज कॉपी या हेडिंग-इंट्रो के साथ 400 शब्दों की रिपोर्ट में भी ढाल सकता हूं।
