स्वामित्व कार्ड से ग्रामीणों को मिलेगा मकान का कानूनी अधिकार, बैंक से कर्ज लेना भी होगा आसान

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ग्राम पथरिया में ऑनलाइन रजिस्ट्री का किया शुभारंभ, हितग्राहियों को वितरित किए लाभ पत्रक
भोपाल। ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई स्वामित्व योजना के तहत अब संपत्तियों की ऑनलाइन रजिस्ट्री की जा रही है। इससे ग्रामीणों को अपने मकान का आधिकारिक दस्तावेज मिलेगा और संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही संपत्ति के दस्तावेज के आधार पर बैंक से ऋण लेने का रास्ता भी आसान हो सकेगा।
यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने राहतगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत गंभीरिया के ग्राम पथरिया में आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्री का शुभारंभ किया और हितग्राहियों को लाभ पत्रक वितरित किए।
मंत्री ने कहा कि स्वामित्व संपत्ति कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के अधिकार और सम्मान की कानूनी पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य वर्षों से आबादी भूमि पर बने मकानों में रह रहे परिवारों को उनकी संपत्ति का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है।
ड्रोन से तैयार हो रहा संपत्तियों का रिकॉर्ड
राजपूत ने बताया कि योजना के तहत ड्रोन तकनीक से गांवों की आबादी भूमि का सर्वेक्षण कर मकानों और संपत्तियों के डिजिटल नक्शे तैयार किए जा रहे हैं। सत्यापन के बाद पात्र परिवारों को संपत्ति कार्ड दिए जा रहे हैं। इससे मालिकाना हक स्पष्ट होगा और जमीन-मकान को लेकर होने वाले विवाद कम होंगे। संपत्ति का रिकॉर्ड होने से बैंकिंग और ऋण सुविधाओं तक पहुंच भी आसान हो सकती है। हालांकि, ऋण देना बैंक के नियमों और शर्तों पर निर्भर करेगा।
पात्र परिवारों को लाभ दिलाने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि सर्वेक्षण, सत्यापन और कार्ड वितरण की प्रक्रिया पारदर्शिता से पूरी की जाए। कोई भी पात्र परिवार जानकारी या प्रक्रिया की कमी के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गांवों के विकास तथा गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काम कर रही हैं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।





