एम्स भोपाल में राष्ट्रीय न्यूरोसर्जरी प्रशिक्षण सफल, युवा डॉक्टरों ने सीखी आधुनिक सर्जरी तकनीकें

भोपाल। बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स भोपाल के न्यूरोसर्जरी विभाग ने 25 और 26 जुलाई 2026 को न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एनएसआई) एजुकेशन बोर्ड का 19वां फाउंडेशन कोर्स सफलतापूर्वक आयोजित किया। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से 50 से अधिक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के न्यूरोसर्जरी रेजिडेंट्स और वरिष्ठ न्यूरोसर्जनों ने भाग लिया।

यह फाउंडेशन कोर्स युवा न्यूरोसर्जनों को आधुनिक चिकित्सा ज्ञान, सर्जरी कौशल और पेशेवर व्यवहार का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अनुभवी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराया, ताकि भविष्य में मरीजों को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के ऐसे न्यूरोसर्जनों को तैयार करने का प्रयास है जो नैतिकता, संवेदनशीलता, व्यावसायिक आचरण और निरंतर सीखने की भावना के साथ कार्य करें।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. (डॉ.) आदेश श्रीवास्तव के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने न्यूरोसर्जरी में मार्गदर्शन, नैतिकता, करुणा और आजीवन सीखने के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) के. श्रीधर ने ऑनलाइन संबोधन में न्यूरोसर्जरी शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

आधुनिक तकनीकों का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

वैज्ञानिक सत्रों में एम्स भोपाल, एम्स रायपुर, एम्स भुवनेश्वर, निमहांस बेंगलुरु, श्री चित्र तिरुनाल आयुर्विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।

प्रतिभागियों को क्रैनियल एंडोस्कोपी, स्पाइनल एंडोस्कोपी, न्यूरोनैविगेशन, ऑपरेशन के दौरान अल्ट्रासाउंड, एंडोवैस्कुलर सिमुलेशन, हाई-स्पीड ड्रिलिंग तकनीक और मस्तिष्क में रक्तस्राव रोकने की आधुनिक तकनीकों का विशेषज्ञों की निगरानी में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कार्यक्रम के विशेष व्याख्यान एवं सम्मान समारोह में पद्मश्री प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार महापात्र, प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर, संदेश जैन सहित देशभर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैयार करने और देश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने सफल आयोजन के लिए न्यूरोसर्जरी विभाग और आयोजन टीम को बधाई दी। कार्यक्रम का समापन डॉ. सुमित राज के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की संवादात्मक शिक्षण शैली और व्यावहारिक प्रशिक्षण की सराहना की।

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