भोपाल के सुनियोजित विकास, मास्टर प्लान और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना आयोग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता बढ़ने से नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बुधवार को लालघाटी स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस में भोपाल के जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति, राजस्व वृद्धि, आधारभूत संरचना विकास और जनसुविधाओं के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के आय-व्यय, स्थानीय निकायों के आर्थिक संसाधनों और भविष्य की विकास आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।
राजस्व स्रोत बढ़ाने और वित्तीय मजबूती पर चर्चा
राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों से स्थानीय निकायों के स्वयं के राजस्व स्रोतों को बढ़ाने, वित्तीय स्वावलंबन सुनिश्चित करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए व्यवहारिक सुझाव मांगे।
उन्होंने पर्यटन स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए विशेष वित्तीय प्रावधानों तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी सुझाव आमंत्रित किए।
बैठक में भोपाल के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक विष्णु खत्री, विधायक आतिफ आरिफ अकील, महापौर मालती राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मास्टर प्लान जल्द लागू करने पर बनी सहमति
बैठक में भोपाल के दीर्घकालिक और सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मास्टर प्लान लागू होने से शहर के विस्तार, यातायात व्यवस्था, आधारभूत संरचना, पर्यावरण संरक्षण और निवेश की संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी।
संपत्ति कर और उपकर से निकायों की आय बढ़ाने का सुझाव
प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप ने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मुद्रांक शुल्क पर लगाए गए उपकर का लाभ सीधे नगरीय निकायों को दिए जाने का सुझाव रखा।
उन्होंने कहा कि शासकीय भवनों से भी नियमानुसार संपत्ति कर की वसूली सुनिश्चित की जानी चाहिए। इससे नगर निकायों के राजस्व में वृद्धि होगी और विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
बड़ा तालाब संरक्षण और पर्यटन विकास पर जोर
सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल के ऐतिहासिक जलाशयों, विशेषकर बड़ा तालाब के संरक्षण और कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण, सड़क अधोसंरचना मजबूत करने, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए समेकित योजना बनाने का सुझाव दिया।
उन्होंने कर और सेवा शुल्क व्यवस्था की तार्किक समीक्षा के लिए नियामक व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता भी बताई।
जल व्यवस्था और ग्रामीण विकास पर दिए सुझाव
विधायक भगवानदास सबनानी ने नगरीय निकायों के राजस्व संग्रहण में सुधार के लिए जल प्रदाय व्यवस्था मजबूत करने, व्यक्तिगत जल कनेक्शन बढ़ाने और नए पर्यटन एवं मनोरंजन केंद्र विकसित करने पर जोर दिया।
विधायक विष्णु खत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए एकीकृत विकास दृष्टिकोण के साथ मास्टर प्लान तैयार करने, समूह नल-जल योजनाओं को बढ़ावा देने, ग्रामीण परिवहन सेवाओं के विस्तार और पंचायतों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के सुझाव दिए।
आत्मनिर्भर नगर निगम से बेहतर होंगी नागरिक सुविधाएं
महापौर मालती राय ने नगर निगम की वित्तीय चुनौतियों और विकास परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं विभिन्न अनुमतियों के कारण लंबित हैं।
उन्होंने सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव, उनसे प्राप्त होने वाले राजस्व और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक स्थिति वाला नगर निगम ही नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और आधुनिक शहरी सुविधाएं उपलब्ध करा सकता है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने, नए राजस्व स्रोत विकसित करने और भोपाल सहित पूरे संभाग के संतुलित एवं सतत विकास के लिए सुझाव दिए। राज्य वित्त आयोग इन सुझावों का परीक्षण कर आगामी अनुशंसाओं में शामिल करने पर विचार करेगा।