भोपाल संभाग के 289 गांव अभियान में शामिल, 17 विभागों की योजनाओं से जनजातीय परिवारों को लाभ पहुंचाने की तैयारी
भोपाल, 11 अगस्त 2026। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चयनित गांवों में शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी लक्ष्य के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से काम करें और जनजातीय वर्ग के पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाएं।
संभागायुक्त ने मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय में अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास के संयुक्त संचालक प्रेमशंकर पांडेय, संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा धर्मेंद्र शर्मा, महिला एवं बाल विकास के संयुक्त संचालक हरिकृष्ण शर्मा सहित संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
277 नहीं, 289 गांवों में अभियान
बैठक में बताया गया कि भोपाल संभाग में अभियान के लिए भोपाल में 1, विदिशा में 86, सीहोर में 80, रायसेन में 92 और राजगढ़ में 18 गांव, यानी कुल 277 गांव चयनित किए गए हैं। इन गांवों में 17 विभागों की विभिन्न योजनाओं को जोड़कर पात्र हितग्राहियों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
सड़क, आवास और कृषि पर जोर
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भोपाल में 2, विदिशा में 11, सीहोर में 4, रायसेन में 92 और राजगढ़ में 18 नवीन सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत चयनित परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं।
किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती और सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालन विभाग की योजना के तहत प्रत्येक जिले में 25 चयनित हितग्राहियों को उन्नत नस्ल की पांच बकरियां उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी बताई गई।
दूरसंचार और कौशल विकास पर भी काम
बैठक में बताया गया कि रायसेन जिले के 65 गांवों को दूरसंचार सुविधा से जोड़ने के लिए नए टावर लगाए जा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा स्किल इंडिया मिशन के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।
संभागायुक्त शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी योजनाओं को आपस में जोड़कर जनजातीय गांवों में सड़क, आवास, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सिकल सेल जांच एवं परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता के अवसर देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने संभागीय अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना तैयार करने तथा विभागों की संयुक्त टीमों से चयनित गांवों का निरीक्षण कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल संभाग को अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी बनाने के लिए सभी अधिकारी समन्वय के साथ काम करें और निर्धारित समय में सभी चयनित गांवों को योजनाओं से संतृप्त करें।
