प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए चलेगा विशेष अभियान, संभागायुक्त ने दिए डिजिटाइजेशन के निर्देश

भोपाल। प्राचीन ज्ञान परंपरा और ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के लिए भोपाल संभाग में विशेष अभियान चलाया जाएगा। नवीन संभागायुक्त धर्मवीर शर्मा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में सभी जिलों के अधिकारियों को प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण और डिजिटाइजेशन का कार्य अभियान के रूप में करने के निर्देश दिए।

संभागायुक्त ने कहा कि भारत सरकार के ज्ञान भारत प्रोजेक्ट के तहत देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित किया जाना है। इससे पुरानी ज्ञान परंपरा, ऐतिहासिक दस्तावेज और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सकेगा तथा आने वाली पीढ़ियों तक भारतीय ज्ञान विरासत को पहुंचाया जा सकेगा।

बैठक में भोपाल कार्यालय से संयुक्त आयुक्त विनोद यादव और किरण गुप्ता सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

विदिशा में 900 पांडुलिपियों का हो चुका डिजिटाइजेशन

बैठक में विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में प्राचीन ग्रंथ और पांडुलिपियां उपलब्ध हैं। इनमें करीब 300 वर्ष पुराने धार्मिक ग्रंथ भी शामिल हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि विदिशा जिले में अब तक 900 पांडुलिपियों को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित किया जा चुका है। प्रशासन द्वारा अन्य प्राचीन दस्तावेजों की पहचान और संरक्षण का कार्य भी जारी है।

बोनी सीजन से पहले बीज उपलब्ध कराने के निर्देश

संभागायुक्त धर्मवीर शर्मा ने बैठक में आगामी बोनी सीजन को देखते हुए सभी कलेक्टरों को किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि ई-विकास टोकन प्रणाली के माध्यम से किसानों का पंजीयन कराया जाए, जिससे खाद वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।

सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों पर गंभीरता के निर्देश

संभागायुक्त ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी शिकायतों का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय में निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।

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